नई दिल्ली

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान की एयर डिफेंस यूनिट को पाकिस्तान के साथ लगे बॉर्डर पर तैनात करने का फैसला लिया है। इस फैसले की वजह दोनों मुल्कों के बीच बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद कायम सैन्य-तनाव है। ताजा तैनाती का मकसद सीमा पार से किसी भी हवाई सैन्य कार्रवाई से प्रभावी ढंग से निपटना है। 
 
दो महीने बाद का मंजर
बता दें कि पाकिस्तान सेना के अंदर भारत का डर इस कदर हावी है कि बालाकोट हमले के दो महीने से ज्यादा का वक्त बीत जाने के बाद भी उसने अपनी सीमा के नजदीक भारी संख्या में सेना की टुकड़ियों को तैनात कर रखा है। सीमा के समीप सामरिक रूप से महत्वपूर्ण शकरगढ़ सेक्टर में करीब 300 टैंक अभी भी तैनात हैं। 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकवादी प्रशिक्षण कैंप को निशाना बनाया था, जिसमें बड़ी संख्या मे आतंकवादी मारे गए। आईएएफ की इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था। 
 
सीमा पार तैनात हैं पाक की तीन ब्रिगेड
आईएएफ की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने पीओके के समीप सीमा पर अपनी सेना की आमद बढ़ा दी। हालांकि, कुछ समय बाद उसने इस तैनाती में कटौती की लेकिन अभी भी 124 आर्मर्ड ब्रिगेड, 125 आर्मर्ड ब्रिगेड और 8 और 15 डिवीजन की सीमा से वापसी नहीं हुई है। पाकिस्तानी सेना के ये दस्ते अभी भी वहां मौजूद हैं। हमारे सहयोगी टाइम्स नाउ चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इलाके में पाकिस्तानी सेना की 30 कोर की मदद के लिए वहां एक स्वतंत्र रूप से आर्मर्ड ब्रिगेड मौजूद है। रिपोर्ट में सराकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान ने सीमा पर सैन्य टुकड़ियों की जो आक्रामक संरचना तैयार की है, इसमें उसकी मदद उसकी थल सेना ने की होगी। 
 
रिव्यू के बाद फैसला
जानकारी के मुताबिक, चार राज्यों की एयर डिफेंस यूनिट की सीमा पर तैनाती का फैसला इंडियन आर्मी इंटरनल रिव्यू मीटिंग में लिया गया। यह रिव्यू मीटिंग भारत की एयरफोर्स द्वारा पाकिस्तान की सरजमीं (बालाकोट) पर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के टेरर कैंप को ध्वस्त करने की कार्रवाई के बाद बुलाई गई थी। आर्मी के एक आला अफसर ने बताया कि एयर डिफेंस यूनिट की सीमा के नजदीक तैनाती से किसी भी आक्रमण से न सिर्फ प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा, बल्कि उसे उसी इलाके तक सीमित भी किया जा सकेगा। 
 
मारक हथियारों से लैस
बता दें कि भारत की एयर डिफेंस यूनिट की अगुआई इन दिनों लेफ्टिनेंट जनरल एपी सिंह कर रहे हैं। इन यूनिट्स में भारत और इस्राइल की मदद से तैयार MR-SAM, आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, बोफोर्स 40 mm गन और अन्य कारगर और आजमाए हुए मारक हथियार हैं। 

Source : Agency