बरेली
यहां पर बहुमंजिला इमारतों और गली कूंचों में कोचिंग सेंटर बगैर अनुमति और बगैर एनओसी के वर्षों से संचालित की जा रही हैं। सुबह ५ बजे से रात्रि ८ बजे के बाद तक भीड भाड वाले इलाकों और मैन रोड से छात्र छात्राएं आवागमन कर रहे हैं। कई बार इन कोचिंग संस्थानों के आसपास छात्राओं के साथ छेडखानी और अभद्र व्यवहार भी हो चुके हैं। दूसरी और चल रहे दर्जनों कोचिंग सेंटरों में से दो चार संस्थानों को छोडकर कहीं पर भी सीसीटीव्ही कैमरे नही लगे हुए हैं साथ ही कोंचिग चलाते समय कोचिंग संचालक सेंटरों के दरबाजे अंदर से बंद कर लिया करते हैं। 

सूरत के एक कामर्शियल काम्पलेक्स में चल रहे कोचिंग संस्थान  जैंसी संस्थान बरेली में भी अनेक जगह कामर्शियल काम्पलेक्स में बगैर किसी सुरक्षा व्यवस्था के चल रही हंै। इन संस्थानों में आग से निपटने के कोई पुख्ता इंतजाम नही हैं। ऐंसी कोचिंग संस्थानों पर नगर प्रशासन को  कार्यवाही करना चाहिए लेकिन प्रशासन ने यहां पर किसी भी कोचिंग क्लासेस के ऊपर जांच तक करना मुनासिब नही समझाा हेै। शुक्रवार को सूरत में एक कामर्शियल काम्पेक्स में अचानक आग लग जाने के कारण उसमें अध्यनरत कई विद्यार्थियों की मौत हो जाने की ह्दय विदारक घटना से सारा देश दुखी है। इस घटना से यहां के नगर प्रशासन ने कोई सबक नही लिया और धडल्ले से यहां बहुमंजिला इमारतों में कोचिंग क्लासेस संचालित हो रही हैं।

तहसील बरेली में सूरत की तर्ज पर अनेक कामर्शियल काम्पलेक्सों में कोचिंग संस्थान सुरक्षा व्यवस्था को ताक में रख कर संचालित हो रहे हैं। रहवासी बिल्डिगों में भी कोचिंग सेंटर धडल्ले से चलाये जा रहे हैं एनएच १२ पर कई संस्थान मौजूद हैं जो दूसरी और तीसरी मंजिलों में कोचिंग क्लासेस संचालित कर रहे हैं। प्रमुख मार्गों तथा गली कूचों में भी निर्मित भवनों में यही स्थिति बनी हुई है जहां की गलियों से गुजरना आसान नही माना जा रहा है। फिर भी छात्र छात्राऐं अपने भविष्य को देखते हुए वहां पर शिक्षा लेने हेतु जा रही हैं। अगर वहां कोई हादसा होता है तो आग बुझाने के लिए फायरबिग्रेड अमले को भी जाने के लिए काफी मसक्कत करना पडेगी साथ ही कई काम्पलेक्स तो ऐंसे हैं जिनके नीचे के स्थान पर बैंक,रेस्टोरेंट,रेडीमेड कपडों की दुकानें और रहवासी लोगों के लिए कमरे मौजूद हैं ऐंसी स्थानों पर भी कोचिंग संस्थान चल रहे हें। 

राष्ट्रीय राजमार्ग सहित गली कूचों में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच करना नगर प्रशासन ने कभी भी मुनासिब नही समझा यहां पर कोंचिंग सेंटरों के संचालकों के हौंसले भी इस कदर बुलंद हैं कि उन्हे अधिकारियों का भी खौफ नही है तभी तो प्रात: ५ बजे से रात्रि ८ बजे तक कोचिंग सेंटरों का चलना जारी रहता है। प्रशासनिक अमले ने यहां पर यह जानने की कोशिस नही कि है कि यहां पर सैेंकडों कोचिग सेंटर सुरक्षा के दायरे में संचालित है य  नही। 

बरेली में दिनों दिन कोचिंग संस्थानो की बाड से आती जा रही है गली कूचों में कुकरमुत्तों की तरह कोचिंग सेंटर चल रहे हें कोचिंग सेंंटरों के संचालकों के द्वारा हर वर्ष अच्छी से अच्छी कोचिंग छात्र छात्राओं को देने के लिए बडे बडे पंपलेटों के माध्यम से शहर में मुनादी करवाई जा रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह यहां पर संचालित कोचिंग संस्थानों पर आग व अन्य घटनाओं से निपटने के पुख्ता इंतजाम होना चाहिए ।

Source : Agency