नई दिल्ली
प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी ने आज इंटरनेट डेटा को डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए ‘आक्सीजन’ और इस युग का ‘तेल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले दस साल में भारत दुनिया की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा और यह उपलब्धि हासिल करने के लिए भारतीय दूरसंचार व आईटी उद्योग को बड़ी भूमिका निभानी होगी। अपनी नई दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो की निशुल्क डेटा व वायस प्लान के जरिए घरेलू बाजार को हिला देने वाले अंबानी यहां पहली इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

दुनिया की 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा भारत
इंटरनेट के बढ़ते प्रचलन और बढ़ती डेटा खपत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि डेटा ही डिजिटल अर्थव्यवस्था की आक्सीजन है। उन्होंने कहा,‘हम भारतीयों को इस महत्वपूर्ण संसाधन से वंचित नहीं कर सकते। हमें किफायती कीमतों पर सबको समान हाईस्पीड डेटा उपलब्ध करवाना होगा।’ उन्होंने हर भारतीय के लिए किफायती स्मार्टफोन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया ताकि वह असीमित ज्ञान व इंटरनेट की ताकत से जुड़ सके। देश में 4जी प्रौद्योगिकी को तेजी से अंगीकार किए जाने का जिक्र करते हुए अंबानी ने कहा कि भारत में 4जी दूरसंचार कवरेज एक साल में 2जी नेटवर्क से आगे निकल जाएगा। अंबानी ने कहा कि डिजिटल क्रांति के बूते पर भारत अगले दस साल में 7000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था होगा और दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा।

20,000 करोड़ रुपए निवेश करेगी भारती: मित्तल
कंपनी के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने यहां इंडिया मोबाइल कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि दूरसंचार उद्योग बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में बड़ी मात्रा में निवेश कर रहा है और एयरटेल इस साल 18000 करोड़ रुपए से 20,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। उन्होंने कहा कि दूरसंचार कंपनियां कुल मिलाकर डिजिटल बुनियादी ढांचा खड़ा करने में 50000 से 60,000 करोड़ रुपए का निवेश कर रही हैं। भारत को डिजिटल प्रौद्योगिकी का उभरता हुआ उदाहरण बताया और कहा कि यह भारत का समय है और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के तमाम दिग्गजों की निगाह भारत पर है। इसके साथ ही मित्तल ने दूरसंचार उद्योग की गति को बल देने में सरकार का सहयोग मांगा। 

Source : Agency