लखनऊ 
राजधानी लखनऊ के रिहायशी इलाकों में स्थित अवैध डेयरियों से शहरवासियों को जल्द निजात मिलने वाली है. शहर में स्थित 1034 अवैध डेयरियों को हटाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. सभी डेयरी संचालकों को अल्टीमेटम दे दिया गया है कि 20 जून से पहले वे शहर की सीमा से बाहर चले जाएं वरना उसके बाद 21 जून से जबरन हटा दिया जाएगा.

दरअसल, हाईकोर्ट ने 21 मई को अपने आदेश में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के साथ ही डेयरियों को शहरी सीमा से हटाने को कहा था. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. कौशल राज शर्मा ने एसएसपी कलानिधि नैथानी और नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने अधिकारियों के साथ बैठक की.

नगर आयुक्त ने बताया, 'डेयरियां हटाने की कार्ययोजना बन गई है. डेयरी संचालकों को 20 जून तक पशुओं को शहर से बाहर ले जाने को कहा गया है, अगर तय समय पर यह नहीं हुआ तो 21 जून से नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस डेयरियों को बलपूर्वक हटाएगी.'

27 मई 1999 को भी हाईकोर्ट ने शहरी सीमा से डेयरियों को हटाने का आदेश दिया था. कोर्ट के आदेश पर नगर निगम व पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए करीब 35 सौ डेयरियों को शहरी सीमा से बाहर किया था. हालांकि शहरी सीमा में में दोबारा डेयरी न चलें, यह जिम्मा पुलिस का था. इसके बावजूद ये डेयरियां फिर खुल गई हैं. इसके बाद कोर्ट ने 21 मई को फिर डेयरियां हटाने का आदेश दिया.

दरअसल कुछ साल पहले खादर इलाके में संक्रामक रोग फैला था जिसमें कुछ जानें भी गई थीं. इसकी वजह अवैध डेयरियों से फ़ैल रही गंदगी को माना गया था. हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नगर निगम और पुलिस उन्हें शहर की सीमा से बाहर नहीं कर सकी. इसकी वजह डेयरियों के संचालक की दबंगई है. वे शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और कार्रवाई करने पहुंचे कर्मचारियों से बदसलूकी करने से भी नहीं कतराते. पिछले दिनों कल्यानपुर में तो विरोध करने वालों को डेयरी संचालकों ने मारा पीटा भी था.

नगर निगम ने डेयरी खोलने की सीमा तय कर दी है. फैजाबाद रोड पर चिनहट, सीतापुर रोड पर सेमरा गांव, कानपुर रोड पर दारोगा खेड़ा, सुलतानपुर रोड पर कटाई का पुल, रायबरेली रोड पर पीजीआई के आगे ही डेयरियां खोली जा सकती हैं.

Source : Agency