ग्वालियर
एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठन में पुलवामा हमले को लेकर एक रिव्यू पिटीशन दायर की गयी है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया गया है, साथ ही कहा गया है कि फॉटोकॉपी डॉक्यूमेंट स्वीकार किये जाएं । जबकि इस  याचिका को बीते दिनों ख़ारिज कर दिया गया था।

दरअसल, एडवोकेट उमेश बोहरे द्वारा दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि पुलवामा हमले में इंटेलिजेंस का फैलियर समाने आया है। ऐसे में इंटेलिजेंस के अफसरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए, साथ ही हमले में मारे गए जवानों को शहीद की दर्जा दिया जाएं। याचिकाकर्ता ने अपनी जनहित याचिका में भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय, गृह सचिव भारत सरकार, सीआरपीएफ डीजी और रक्षा सलाहकार को पार्टी बनाया था। अब इस जनहित याचिका पर सुनवाई अलगे सप्ताह में होगी।

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था। जिसमें सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए थे।उसके बाद से ही विपक्ष भी लगातार सरकार पर हमलावर है। हमले के बाद से ही इस मामले पर जमकर बयानबाजी देखने को मिली है, लोकसभा चुनाव में भी इस मामले पर जमकर राजनीति की गई| 

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