भोपाल
मध्य प्रदेश में नई सरकार तबादलों-पोस्टिंग को लेकर सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में रही है, अब एक सब इंस्पेक्टर को थाना इंचार्ज बनाने की सिफारिश करने वाली महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी की चिट्ठी सुर्खियां बन गई हैं| जिसमे उन्होंने ग्वालियर के प्रभारी मंत्री उमंग सिंगार से उप निरीक्षक को पिछोर थाना क्षेत्र का प्रभारी बनाने की मांग की है| वहीं अब जिस पत्र के आधार पर थाना प्रभारी को बदलना बताया जा रहा है, मंत्री ने सिरे से उसे फर्जी करार दे दिया है।

दरअसल, मामला प्रदेश की  महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी के विधानसभा क्षेत्र डबरा के अंतर्गत आने वाले पिछोर थाने से संबंधित है | जिसके प्रभारी लंबे समय से पप्पू यादव नाम के सब इंस्पेक्टर हुआ करते थे। लोकसभा चुनावों के दौरान इस थाने में इंस्पेक्टर रैंक के राकेश वर्मा को पदस्थ कर दिया गया। अब हाल ही में सोशल मीडिया में मंत्री इमरती देवी की एक चिट्ठी वायरल हो गई| इस चिट्ठी में प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने ग्वालियर प्रभारी मंत्री उमंग सिंगार से ग्वालियर के पिछोर (डबरा) थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर पप्पू यादव को थाना प्रभारी बनाने की मांग की है| जिसमें उन्होंने ग्वालियर प्रभारी मंत्री से इस मामले में आदेश प्रदान करने की भी बात कही है| इसी पत्र के आधार पर पप्पू यादव की पुन पदस्थापना पिछोर थाने में कर दी गई| वहीं जब कांग्रेस मंत्री का यह पत्र सामने आया और इस पर विवाद उठ खड़े हुए तो इमरती देवी ने इस पत्र को फर्जी करार देते हुए मामले की जांच की बात कही है|

अब सवाल यह है कि यदि पत्र फर्जी है तो फिर एसपी ने किस आधार पर सब इंस्पेक्टर को थाने का प्रभारी बना दिया और राकेश वर्मा को लाइन भेज दिया। हालांकि इमरती यह भी कह रही है कि राकेश वर्मा की क्षेत्रीय लोग काफी शिकायत कर रहे थे और उनसे नाराज थे। सवाल यह भी है कि यदि पत्र फर्जी है तो क्या अब इसकी उच्चस्तरीय जांच होगी।

Source : Agency