पटना
कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी को इस महीने एक के बाद एक कई अदालतों के चक्कर लगाने हैं। चुनाव के दौरान आरएसएस के खिलाफ दिए अपने बयानों का बचाव करने के लिए राहुल गुरुवार को मुंबई के शिवड़ी कोर्ट में उपस्थित हुए थे। शनिवार को उन्हें बिहार की राजधानी पटना की एक अदालत में पेश होना है। राहुल गांधी के खिलाफ बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मानहानि का मामला दायर किया था। राहुल को इस महीने पटना कोर्ट के अलावा तीन और मामलों में देश के अलग-अलग कोर्ट में पेश होना है।


सुशील मोदी ने उक्त मामला गांधी द्वारा कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली में यह टिप्पणी करने पर आपत्ति जताते हुए दायर किया था कि सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों हैं। गांधी का इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बैंक धोखाधड़ी आरोपी नीरव मोदी और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की ओर था। मामले को सीजेएम शशिकांत रॉय ने एसीजेएम कुमार गुंजन के पास भेज दिया था।

इन तीन मामलों में भी है पेशी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 'हत्या आरोपी पार्टी प्रेजिडेंट' वाले उनके बयान पर अहमदाबाद की एक अदालत में 9 जुलाई को उनकी पेशी है। इसके अलावा 12 जुलाई को राहुल की गुजरात के एक और कोर्ट में आपराधिक मानहानि केस में पेशी है। अहमदाबाद जिला को-ऑपरेरिटव बैंक के चेयरमैन ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। 24 जुलाई को राहुल की पेशी सूरत के एक कोर्ट में होगी। राहुल के 'सारे मोदी चोर हैं' वाले बयान के खिलाफ सूरत की कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ केस दायर किया गया है।

हार की जिम्मेदारी लेते हुए दिया इस्तीफा
बता दें कि राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस सप्ताह के शुरू में कांग्रेस प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था। राहुल पिछली बार लोकसभा चुनाव के दौरान मई में पटना आए थे जब उन्होंने पार्टी प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा के लिए एक रोड शो किया था।

मुजफ्फरपुर जा सकते हैं राहुल
उधर, स्थानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांधी यहां से मुजफ्फरपुर भी जा सकते हैं जो कि राज्य भर में फैले एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से सबसे अधिक प्रभावित रहा है। इससे बीमारी से 150 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने इस बारे में कहा, 'राहुल गांधी के पूरे कार्यक्रम को अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में उनके मुजफ्फरपुर जाने की कम संभावना है। यदि ऐसा कार्यक्रम होता तो राज्य इकाई को आवश्यक व्यवस्था करने के लिए सलाह दी गई होती।'

Source : Agency