नई दिल्ली
 आईसीसी विश्व कप 2019 का फाइनल मैच रविवार (14 जुलाई) को खेला गया था। इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की फाइनल मैच खत्म हुए चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी विवाद जारी है कि क्या इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप खिताब बांट दिया जाना चाहिए था। दोनों टीमों के बीच मैच टाई हुआ, इसके बाद सुपर ओवर तक मैच खिंचा, वहां भी मैच टाई हुआ तो फिर इंग्लैंड को ज्यादा बाउंड्रीज के आधार पर विजेता घोषित किया गया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर दोनों टीमों की बाउंड्रीज भी बराबर होती तो नतीजा कैसे निकलता?

चलिए आपको बताते हैं कि उसके लिए क्या नियम है। अगर सुपर ओवर भी बराबरी पर छूटे और दोनों टीमों की बाउंड्रीज भी बराबर हों, तो वो टीम जीतेगी, जिसने आखिरी गेंद पर ज्यादा रन बनाए हों। सुपर ओवर में बाउंड्री भी बराबर होने पर दोनों टीमों द्वारा छह गेंदों पर बनाए रन की तुलना होती। इसकी शुरुआत छठी गेंद से होती। मान लीजिए, छठी गेंद पर इंग्लैंड ने चार रन बनाए होते और न्यूजीलैंड ने तीन तो इंग्लैंड विजेता माना जाता। लेकिन दोनों ही टीमों ने छठी गेंद पर चार-चार रन बनाए होते तो पांचवीं गेंद पर बने रन देखे जाते। इस गेंद पर जिस टीम ने ज्यादा रन बनाए होते, उसे विजेता घोषित किया जाता।

 
तीन नए नियमों पर हो सकती है चर्चा

1- लीग मैचों में जिस टीम के अंक ज्यादा हों, उसे विजेता माना जाना चाहिए। इससे लीग मैचों का प्रदर्शन भी अहम हो जाएगा। अगर दोनों टीमों के अंक एकसमान हैं तो ज्यादा नेट रनरेट देखा जा सकता था। इसके अलावा, फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के बीच अगर लीग मैच खेला गया हो तो उस मैच में जीतने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाए।

2- सुपर ओवर अगर टाई रहता तो फिर दोबारा सुपर ओवर खेला जाना चाहिए। फुटबॉल, हॉकी और टेनिस में भी टाईब्रेकर खेला जाता है। फुटबॉल और हॉकी में नॉकआउट मुकाबलों में पेनाल्टी शूटआउट बराबर रहने पर सडन डेथ नियम लागू होता है और जो टीम गोल नहीं कर पाती वह हार जाती है।

3- सुपर ओवर टाई रहने की स्थिति में ये देखा जाए कि निर्धारित 50 ओवर में जिस टीम ने कम विकेट गंवाए हो, उसे विजेता माना जाए।

Source : Agency