एलोवेरा को एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर माना जाता है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को मुलायम बनाता है तथा उन्हें हटानें में मदद करता है, जिससे त्वचा कोमल तथा चमकदार बनती है। इसके और भी बहुत फायदे हैं, आइए जानें उनके बारे में एलोवेरा सामान्यत: बगीचों तथा घरों में अकसर देखने को मिलता है। इसे गमलों में भी आसानी से उगाया जा सकता है। संस्कृत में इसे घृतकुमारी के नाम से जाना जाता है। यह प्राचीन समय से ही अपने स्वास्थ्यप्रद गुणों के लिए जाना जाता है तथा आयुर्वेद का अभिन्न अंग माना जाता है। शुष्क मौसम में एलोवेरा द्वारा त्वचा तथा बालों की देखभाल काफी लाभदायक मानी जाती है।

एलोवेरा त्वचा में आद्र्रता की क्षमता को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे त्वचा सामान्य रूप से कार्य करती है। यह अस्ट्रिंजेन्ट क्रिया करके त्वचा को कसकर बांध देता है, जिससे समय से पूर्व झुर्रियां नहीं आतीं और इस तरह यह बुढ़ापे को रोकने में मददगार साबित होता है। अपने आद्र्रता, मुलायमपन, शांतिदायक तथा उपराचात्मक गुणों की वजह से यह सूर्य की गर्मी से प्रभावित त्वचा को सामान्य बनाने में प्रभावशाली परिणाम दिखाता है। एलोवेरा में एंटी ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा की कोशिकाओं के नवीकरण की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करते है। इसके उत्पादों के लगातार प्रयोग से त्वचा पर उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है तथा झुर्रियां आदि होने का डर दूर होता है।

एलोवेरा जैल को विभिन्न प्रकार की त्वचा के सौंदर्य प्रसाधनों के लिए उपयोगी घटक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह न केवल त्वचा के स्वास्थ्य में सहायक है, बल्कि त्वचा की नई कोशिकाओं की उत्पत्ति में भी सहायता प्रदान करती है। इससे त्वचा के विभिन्न रोगों का उपचार मिलता है तथा सामान्य प्रसाधन सामग्री में भी मददगार साबित होती है। एलोवेरा को क्लींजर, मॉइस्चराइजर जैसे सौन्दर्य प्रसाधनों में मुख्य घटक के रूप में प्रयोग किया जाता है। एलोवेरा का घरेलू उपचार के तौर पर भी प्रयोग किया जाता है। एलोवेरा जैल या जूस को त्वचा पर सीधा अप्लाई किया जा सकता है। पौधे से निकाला गया जैल पत्ते की लुगदी होती है तथा पत्तियों के अन्दरूनी हिस्सों में पाई जाती है। पत्तियों के बाहरी भाग के नीचे से इसका जूस निकाला जाता है। एलोवेरा को घरेलू उपचार के तौर पर प्रयोग करने से पहले इसके पत्तों को पूरी तरह से धो लेना चाहिए तथा इसमें पूरी स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।

एलोवेरा के जूस या जैल को प्रतिदिन चेहरे पर 20 मिनट तक लगाकर साफ ताजे पानी से धो डालना चाहिए। यह त्वचा को मुलायम और उसकी आद्र्रता को बनाए रखने में मदद करता है। यदि इसका नियमित रूप से सेवन किया जाए तो यह त्वचा के यौवन को बरकरार रखने में मददगार साबित होता है। एलोवेरा सर्दियों में भी विशेष रूप से लाभदायक साबित होता है, क्योंकि यह त्वचा के रूखेपन को दूर करके उसकी मुलायम संरचना को बरकरार रखता है। यह सूर्य की गर्मी से प्रभावित त्वचा को शांत करने में भी मदद प्रदान करता है। यह त्वचा में नमी को बनाए रखने रखता है। एलोवेरा का जूस सूजी हुई नसों के उपचार में भी मददगार साबित होता है। जूस को प्रभावित हिस्सों में सीधे लगाइए। यह त्वचा में घाव, संक्रमण आदि के उपचार में प्रभावी साबित होता है तथा त्वचा को कोमल तथा मुलायम बनाता है। ताजे एलोवेरा जैल के प्रयोग से त्वचा के बाहरी हिस्सों के उपचार में मदद मिलती है। एलोवेरा के पौधे में विद्यमान पौषक मिनरल जिक एंटी इन्फ्लेमेटरी का कार्य करता है तथा त्वचा में सूजन को रोकता है

एलोवेरा को फेसमास्क के तौर पर भी उपयोग में लाया जा सकता है। इसके लिए एक चम्मच जई या मुल्तानी मिट्टी, एक चम्मच संतरे की छाल का पाउडर, दही तथा एक चम्मच एलोवेरा जैल मिलाकर इस मिश्रण को त्वचा पर 30 मिनट तक लगाएं और फिर त्वचा को धो डालें। एलोवेरा को बालों की सुन्दरता में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जैल को बालों पर 20 मिनट तक लगाने के बाद धो डालें। उससे बाल मुलायम तथा चमकीले बन जाते है। एलोवेरा को हेयर पैक के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका क्लीजिंग पैक बनाने के लिए बेसन, दही तथा एक चम्मच एलोवेरा जैल लें और इन सब सामग्री को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे अपने बालों में लगा लें तथा इस मिश्रण को आधा घंटे बाद धो डालें। यदि आपके बाल अत्यधिक शुष्क, रूखे तथा नाजुक हैं तो एक अंडा, एक चम्मच अरंडी का तेल, नींबू का जूस तथा एक चम्मच एलोवेरा जैल को मिलाकर इस मिश्रण को बालों पर लगाकर सिर पर प्लास्टिक की टोपी पहन लीजिए तथा बालों को आधा घंटे बाद ताजे स्वच्छ जल में धो डालिए।

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