भोपाल
तबादलों के मौसम में पहले बड़े पैमाने पर मनमाने तरीके से किए गए तबादलों और फिर उन्हें निरस्त व संशोधन करने के खेल से सीएम सचिवालय भारी नाराज है। यही वजह है कि समन्वय में भेजे गए कई विभागों के तबादलों को रोक दिया गया है। महिला व बाल विकास विभाग से यह पूछा गया है कि इतने तबादले किस आधार पर किए गए और करने के बाद निरस्त या संशोधित करने की क्या जरूरत है।

मुख्यमंत्री सचिवालय के सख्त रूख के बाद विभाग के अधिकारियों की समझ में नहीं आ रहा है कि क्या जवाब दें, क्योंकि सारे तबादले तो विभाग की मंत्री श्रीमती इमरती देवी के निर्देश पर किए गए थे। महिला व बाल विकास में तबादलों का विरोध इस कारण भी अधिक हो रहा है, क्योंकि सुपरवाइजर जैसे छोटे पद वाले कर्मचारियों का तीन से चार सौ किलोमीटर दूर तबादला कर दिया गया। यही नहीं इसमें भी नियमों का पालन नहीं किया गया।

दो और तीन साल वालों को हटा दिया गया, जबकि आठ दस साल वालों को वहीं रखा गया है। इससे विभाग के कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। महिला बाल विकास विभाग ने तबादले निर्धारित संख्या से अधिक नहीं किए, लेकिन नियमों का पालन न कर मनमानी तरीके से तबादले किए गए है। पुलिस विभाग के तबादलों को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजे गए प्रस्तावों में कई को बदलकर मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय भेज दिया गया है। इसमें कई अधिकारी ऐसे हैं, जिनका तीन चार माह में फिर तबादला किया जा रहा है, जबकि वर्षों से जमें अधिकारियों को रोक दिया गया है।

देखना है कि कितने प्रस्तावों को अनुमति मिलती है। बताया जाता है कि तबादलों की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी मंत्रियों ने तबादले जारी रखे, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। इसी तरह कई अन्य विभागों के तबादलों को लेकर भी असमंजस बना हुआ है तथा अधिकारी और कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।

Source : Agency