भोपाल
महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में जबरदस्त खींचतान का दौर चल रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद का राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर राशिद अल्‍वी के जोरदार हमले के बाद अब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी नसीहत दी है। सिंधिया ने कहा कि मैं किसी के कॉमेंट पर टिप्पणी तो नहीं करूंगा लेकिन हां, इसमें कोई संदेह नहीं कि कांग्रेस को आत्मावलोकन की जरूरत है।

सिंधिया ने कहा, 'कांग्रेस को आत्मावलोकन की जरूरत है, जो स्थिति है उसका जायजा लेना और सुधार करना, यह समय की जरूर मांग है।' महाराष्ट्र चुनाव को लेकर उन्होंने कहा, 'जहां तक मेरी जिम्मेदारी थी वह स्क्रीनिंग कमिटी की है। वहां महासचिव खड़गे साहब हैं। हमारी पूरी टीम वहां है। पूर्व मुख्यमंत्री हमारे वहां चार-चार हैं। हमारे वर्तमान के पीसीसी अध्यक्ष हैं, सदन के नेता हैं। मुझे विश्वास हैं कि सभी साथ मिलकर काम करेंगे। यह भूमिका क्षेत्रीय संगठन और महासचिव की होती है, जिस भूमिका को वे लोग अच्छी तरह से निभाने की कोशिश कर रहे हैं।'

"इसमें कोई दोराय नहीं है कि कांग्रेस को जरूर आत्मावलोकन की जरूरत है और जो स्थिति है उसका जायजा लें और सुधार करें।"-ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता

सलमान खुर्शीद का यह था बयान
इससे पहले कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने बुधवार सुबह कहा, ‘हमारे आग्रह के बावजूद, राहुल गांधीजी ने पद से इस्तीफा दे दिया। कई लोगों ने उन्हें पद पर बने रहने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने पद छोड़ दिया। यह उनका निर्णय था और हमें इसका आदर करना चाहिए।’ उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में महज दो सप्ताह से भी कम समय बचा है और राहुल गांधी विदेश चले गए, जिसे लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। यही नहीं, सलमान खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के कारण कांग्रेस पार्टी की मुसीबत बढ़ गई है।


खुर्शीद के बयान पर अल्वी का हमला
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी अपनी ही पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद के राहुल गांधी पर दिए बयान से इतने खफा हो गए कि उन्होंने इशारों-इशारों में खुर्शीद को घर (कांग्रेस पार्टी) में आग लगाने वाला और पार्टी का दुश्मन तक बता दिया।

निरुपम और खड़गे के बीच भी 'जंग'
महाराष्ट्र कांग्रेस में भी अंदरूनी कलह अब लोगों के बीच पहुंच चुकी है। संजय निरुपम के करीबियों को टिकट न मिलने की वजह से वह नाराज चल रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे पर कई आरोप लगाए हैं। निरुपम ने खड़गे पर आरोप लगाया है कि उन्होंने चुनावी रणनीति तय करने के लिए रविवार को बुलाई गई मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस समिति (MRCC) की बैठक को 15 मिनट में निपटा दिया और खुद के सिवाय किसी अन्य को बोलने तक नहीं दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे महान रणनीतिकार तो कांग्रेस को ही निपटा देंगे।

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