मेरठ 
दीनी (धर्म से संबंधित) तालीम के लिए देवबंद दुनियाभर में विख्यात है। यहां से पढ़कर लोग पूरी दुनिया में तालीम की रोशनी बिखेरते हैं। लेकिन कुछ लोग आतंक की राह चल पड़े हैं। वे दहशतगर्द बनकर आतंक फैला रहे हैं। पिछले आठ साल में 10 से ज्यादा आतंकी ऐसे पकड़े गए, जिन्होंने देवबंद से तालीम पाई है। इसी वजह से एटीएस-एनआईए समेत तमाम शीर्ष सुरक्षा-खुफिया एजेंसियों की नजरें हर वक्त देवबंद पर गड़ी रहती हैं। यूपी एटीएस ने तीन मार्च-2019 को देवबंद से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज तेली और आकिब अहमद मलिक को गिरफ्तार किया था। दोनों को पुलवामा में सीआरपीएफ दस्ते पर हुए हमले की पहले से जानकारी थी। 

देवबंद में रहकर शिक्षा ली थी
खुलासा हुआ था कि वे देवबंद के एक हॉस्टल में कई माह से रहकर पढ़ रहे थे। इससे पहले दिसंबर-2018 में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने अमरोहा में आईएस के नए मॉड्यूल हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम का पर्दाफाश करते हुए 13 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ज्यादातर संदिग्ध आतंकियों ने देवबंद में रहकर शिक्षा ग्रहण की थी। कई साल पहले दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख ने खुलासा किया था कि देवबंद में उसके तीन आतंकवादी साथी छात्र के रूप में रह रहे हैं। अब अफगानिस्तान में एयर स्ट्राक में मारे गए अलकायदा सरगना आसिम उमर के देवबंद से पढ़ने की बात सामने आ रही है।
 
देवबंद में करीब सौ से ज्यादा छोटे-बड़े मदरसे हैं। खुफिया एजेंसियां इनका रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। आईबी के इनपुट के अनुसार आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिज्बुल मुजाहिदीन और इंडियन मुजाहिदीन की वेस्ट यूपी में गहरी पैठ बनी हुई है। इनके कई स्लीपिंग मॉड्यूल मेरठ, देवबंद, शामली, गाजियाबाद, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, संभल और रामपुर में सक्रिय हैं। अब तक कई आईएसआई एजेंट और आतंकवादी इन जिलों से गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

Source : Agency