बलरामपुर-रामानुजगंज। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज संत गहिरा गुरूजी की 23वीं पुण्य तिथि के अवसर पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी क्षेत्र स्थित उनकी कर्मस्थली श्रीकोट पहुंचकर उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।
उल्लेखनीय है कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी क्षेत्र के ग्राम श्रीकोट में गहिरा गुरूजी 1952 में आए और इसको अपना कर्मक्षेत्र बनाया। गहिरा गुरूजी ने छत्तीसगढ़ के इस सुदूर वनांचल के कुसमी-श्रीकोट-सामरी  इलाके में समाज सेवा,  सनातन धर्म एवं संस्कृति, शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए आजीवन कार्य किया।  मुख्यमंत्री श्री बघेल के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस.सिंहदेव, शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खेलसाय सिंह, विधायक श्री चिन्तामणि महाराज, विधायक जशपुर श्री विनय भगत, विधायक भटगांव श्री पारसनाथ राजवाड़े, विधायक लुन्ड्रा डॉ. प्रीतम राम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी संत गहिरा गुरूजी को श्रद्धाजंलि देने के लिए श्रीकोट पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर संत गहिरा गुरूजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर अपनी विनम्र श्रद्धाजंलि दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मौजूद संत गहिरा गुरूजी के अनुयायी एवं ग्रामीणजनों ने भी मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इससे पूर्व श्रीकोट में संत गहिरा गुरूजी के आश्रम स्थित मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

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