राजनांदगांव
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव (Rajnandgaon) जिले में अपराध (Crime) का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ते ही जा रहा है. इसके चलते अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं. एक तरफ जिला मुख्यालय में बैठे डीआईजी (DIG) जिले के सभी थानेदारों की बैठकर लेकर हिदायत देते हैं कि महिलाओं से जुड़े मामलों को तत्काल निपटाए. वहीं जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र की एक रेप पीड़िता (Rape Victim) के आरोपी को एफआईआर (FIR) दर्ज होने के 15 दिनों बाद भी पुलिस (Police) गिरफ्तार (Arrest) नहीं कर सकी है.

राजनांदगांव (Rajnandgaon) के बोरतलाव थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती का गांव के एक युवक के साथ युवक के ही फार्म हाउस में काम करने के दौरान प्रेम प्रसंग हो गया था. युवक युवती को शादी का प्रलोभन देकर 2 वर्षों तक उससे शारीरक सबंध बनाये हुए था. पीड़िता की मानें तो युवक से शादी की बात करने पर वह अक्सर टाल दिया करता था. फिर पीड़िता को पता चला कि युवक के घर वाले उसके लिए लड़की ढूंढ रहे हैं, जिसपर पीड़िता ने आपत्ति लगाई और शादी की बात कही जिसे आरोपी ने मना कर दिया और जान से मारने की धमकी दे डाली.

शिकायतकर्ता युवती के मुताबिक युवक के मना करने पर उसने आत्महत्या (Suicide) करने का मन बना लिया था. घर वालों द्वारा काफी समझाया गया और मामले को पहले गांव स्तर पर बैठक कर निपटाने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं बन पाई. अंततः मामले में एफआईआर 25 नवम्बर 2019 को को दर्ज कराई गई. इसके बाद पुलिस के हाथों से अभी भी आरोपी बाहर है. पीड़िता के बड़े पिता ने बताया कि मामले को गांव स्तर पर ही निपटाने की कोशिश की गई, आरोपी युवक के भाइयों को भी समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे लोग नही माने और गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दे डाली. बोरतलाव थाना प्रभारी ने अब्दुल समीर ने बताया कि थाने में महिला स्टाफ नहीं होने के कारण डॉक्टरी परीक्षण में विलंब हुआ है. आरोपी का मोबाइल बन्द होने के कारण उसे ट्रेस नही कर पा रहे है, जैसे ही आरोपी का लोकेशन ट्रेस होता है, शीघ्र ही गिरफ्तारी की जाएगी.

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