भोपाल
 नागरिकता संशोधन बिल कानून बन गया राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति से मिली मंजूरी के बाद अब इसके प्रावधान को देश में लागू किया जा सकेगा। वहीं कांग्रेस पार्टी इसका विरोध कर रही हैं, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि  क्या कांग्रेस शासित राज्यों में इस अधिनियम को लागू किया जाएगा। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली में बयान दिया है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम पर जो रुख कांग्रेस का होगा वहीं रुख उनकी सरकार का होगा। इंडियन वूमेन प्रेस कोर में पत्रकारों से बातचीत में कमलनाथ ने यह टिप्पणी की।

सीएम कमलनाथ ने कहा, ''कोई भी ऐसा कानून जो समाज को बांटता है। उस पर कांग्रेस का जो रुख होगा वही रुख मध्यप्रदेश सरकार अपनाएगी।" कमलनाथ ने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन सरीखे विधेयक लाए जा रहे हैं। कमलनाथ के बयान से साफ़ है कि CAB को मध्यप्रदेश में लागू नहीं किया जाएगा। इससे पहले पंजाब और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने भी कहा है कि वे नागरिकता संशोधन अधिनियम को अपने यहां लागू नहीं होने देंगे।  

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अब्बास हफ़ीज़ ने भी इस मामले में सीएम के बायन को लेकर ट्विट किया है। उन्होंने लिखा है कि, 'एमपी में CAB के लागू करने के सवाल पर कमलनाथ जी ने साफ़ कहा है कि उनका स्टैंड कांग्रेस पार्टी के स्टैंड पर रहेगा। और बिल पर केंद्रीय सरकार ने मुख्यमंत्रियों से चर्चा नहीं करने पर कहा कि क्या यही भारत का संघीय ढाँचा है? कैप्टन अमरिंदर सिंह जी भी साफ़ कर चुके हैं कि वो पंजाब में लागू नहीं करेंगे। कांग्रेस भी इस संविधान पर हमला करने वाले बिल के विरोध में सड़कों पर है। गर्व है कि हम कांग्रेस हैं जो अपने सिद्धांतों को राजनीति से ऊपर रखती है भाजपा ने अपनी राजनीति के लिए पहले कश्मीर और अब असम जला दिया'

 

Source : Agency