रायपुर
कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन के निर्देश पर जिला पंयायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज जल-जीवन मिशन के अंतर्गत गठित जिला जल और स्वच्छता मिशन समिति की बैठक कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में ली। उन्होंने कहा कि जल-जीवन मिशन अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को शुध्द पेय जल उपलब्ध कराने के लिए घरेलू नल कनेक्शन दिया जाना है।

घरेलू नल कनेक्शन के साथ-साथ सार्वजनिक संस्थान जैसे ग्राम पंचायत भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र, कल्याण केन्द्र आदि में भी नल कनेक्शन दिया जाना है। पानी की आपूर्ति के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण कर प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पर्याप्त मात्रा में पानी नियमित रूप से उपलब्ध कराना है। बुनियादी ढांचे के विकास को 12 से 18 महीने में तीन चरणों में पूर्ण किया जाना है।

बैठक में उन्होंने कहा कि जल-जीवन मिशन के अंतर्गत पानी की निरन्तर पूर्ति के लिए पेय जल स्रोतो का विकास और मौजूदा स्रोतो का संवर्धन किया जाना है। पहले से स्थापित ग्रामीण क्षेत्रों की जल गुणवत्ता की निगरानी के लिए प्रयोगशाला की सुविधा का उपयोग किया जाएगा। ऐसे जगह जहां पानी की गुणवत्ता में कमी हो, वहां दूषित पदार्थो को हटाने के लिए उपचार संयंत्र भी लगाया जाना है। पानी की गुणवत्ता की निगरानी ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होगी। जिला जल-जीवन मिशन के तहत गांवों में ग्राम जल और स्वच्छता समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में 10 से 15 सदस्य शामिल हो सकेगें तथा इनका कार्यकाल 2 से 3 साल तक होगा। इस मिशन के तहत मौजूदा स्रोत से किसी एक गांव अथवा अधिक गांव को पानी की आपूर्ति की योजना बनाई जा सकती है। इस अवसर पर जल-जीवन मिशन के तहत गठित समिति के समस्त सदस्य उपस्थित थे।

Source : Agency