आए दिन हम आपको वास्तु शास्त्र से जुड़े ऐसे कई टिप्स देते रहते हैं जिनकी मदद से आप अपनी जीवन में पैदा वास्तु दोष दूर कर पाते हैं। बता दें वास्तु शास्त्र में न केवल घर के दोषों के बारे में बल्कि हर तरह के कार्यक्षेत्र से जुड़े दोषों को दूर करने में उपाय हैं। अपनी वेबसाइट की मदद से हमने आपको इससे पहले बताया था होटल को बनाने के लिए किस दिशा का चयन करना चाहिए यानि कि कहां बनाया होटल ग्राहकों के साथ-साथ वहां के मालिक के अच्छा होता है। आज हम इसी कड़ी को जोड़ते हुए  हम आपको बताने वाले हैं कि होटल में अनाज भंडार कहां होना चाहिए।

चूंकि वास्तु शास्त्र नें रसोई घर को घर का सबसे मुख्य स्थान माना जाता है इसलिए होटल में भी इसका सही दशा में होना बहुत ज़रूरी है। तो आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें-

खान-पान के सारे सामाम को इकट्ठा करने के लिए होटल में एक बड़ा से भंडार घर की ज़रूरत होती है, यही कारण प्रत्येक होटल में एक बड़ा सा भंडार घर होता है। मगर लगभग लोग इसे कहीं भी बना लेते हैं जिस वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता है। इसके अनुसार इस जगहब का चयन हमेशा वास्तु के हिसाब से किया जाना चाहिए।

वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर आप रसोई घर में ही अनाज भंडारण के लिए जगह बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए रसोईघर का वायव्य कोण सबसे अच्छा रहता है। ऐसा कहा जाता है कि इस कोण में सामान रखने से सब व्यवस्थित रहता है और भंडार घर में कभी किसी चीज़ की कमी भी नहीं रहती। यानि अन्नपूर्णा मां हमेशा प्रसन्न रहती है और अपनी कृपा बरसाती है।
 
इस बात का ध्यान रखें कि अगर कोई सामान ऐसा है, जो आपको बहुत लंबे समय तक रखना है, तो इसके लिए नैऋत्य कोण का चुनाव करना अच्छा रहता है। इसके अलावा अगर आप रसोई घर से अलग भंडारण का कमरा बनवाना चाहते हैं, तो दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण या पश्चिम दिशा का चुनाव करें जबकि डाइनिंग हॉल के लिए पश्चिम दिशा का चुनाव करना अच्छा साबित होता।

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