भोपाल
तकनीकी शिक्षा विभाग ने इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमबीए के साथ करीब एक दर्जन कोर्स में प्रवेश देने की व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। आगामी सत्र 2020-21 की काउंसलिंग कराने के लिए आरक्षण पालिसी भी तैयार कर ली है। इसके तहत सवर्ण दस और ओबीसी में 27 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। जबकि गत दिनों हाईकोर्ट ने एमपीपीएससी में ओबीसी के 27 फीसदी पर रोक लगा दी है।

इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमबीए, एमसीए और पालीटेक्निक सहित करीब एक दर्जन कोर्स में 27 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। डीटीई को काउंसलिंग में सवर्ण को दस और ओबीसी में 27 फीसदी आरक्षण देने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसलिए डीटीई उक्त स्वीकृति के तहत ही अपनी आगामी सत्र 2020-21 की आनलाइन काउंसलिंग कराने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में डीटीई ने निजी और सरकारी पालीटेक्निक में प्रवेश कराने के लिए प्री पालीटेक्निक टेस्ट (पीपीटी) के नियम तैयार कराने के लिए शासन को भेज दिए हैं। फाइल लौटने के बाद डीटीई पीपीटी कराने के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल व्यापमं को नियमावली भेजकर परीक्षा फार्म जमा कराएगा।

ब्रांडेट कालेजों में होगी मारामारी
वर्तमान में इंजीनियरिंग कालेजों की स्थति काफी दयनीय बनी हुई है। ओबीसी में अभी तक 14 फीसदी आरक्षण दिया जाता रहा है। इसमें करीहब नौ फीसदी बढ़ोतरी हो गई है। ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी होने से प्रदेश के सरकारी कालेज के अलावा निजी ब्रांडेड कालेजों में प्रवेश की स्थिति को लेकर अन्य वर्ग के विद्यार्थी विरोध कर सकते हैं। उक्त कालेजों के अलावा अन्य में प्रवेश की स्थिति गत वर्ष की भांति ही रहेगी।

कोर्ट जाने की तैयारी में छात्र संगठन
राजधानी के कुछ छात्र संगठनों का कहना है कि हाईकोर्ट ने एमपीपीएसससी को 27 फीसदी आरक्षण देने पर रोक लगा दी है, तो डीटीई ओबीसी वर्क के विद्यार्थियों को 27 फीसदी आरक्षण कैसे दे सकता है। उन्हें पूर्व की भांति 14 फीसदी आरक्षण देकर काउंसलिंग संचालित करना होगी। एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि डीटीई हाईकोर्ट के आदेश की अव्हेलना करता है, तो काउंसलिंग का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

 

Source : Agency