मुंगेली
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला स्थित लोरमी तहसील इलाके के वनांचल क्षेत्र में इन दिनों डायरिया का प्रकोप तेजी से फैला हुआ है. दूरस्थ जंगल के बिजराकछार गांव से छह मासूम बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत के चलते 108 संजीवनी वाहन सेवा से लोरमी अस्पताल लाया गया है. डायरिया से गंभीर रूप से पीड़ित बैगा जनजाति के इन छोटे-छोटे बच्चों का इलाज जारी है. फिलहाल प्रशासन ने इसकी सुध लेने की कोशिश नहीं की है कि गांव में क्या स्थिति है और डायरिया से और कितने लोग पीड़ित हैं.

डायरिया के और फैलने की आशंका है क्योंकि दूर वनांचल में किसी तरह की कोई स्वास्थ सुविधा नहीं है. स्वास्थ मितानीन फगनीबाई ने बताया कि गांव में पीने के साफ पानी की कमी है, जिसके कारण लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं. बड़ी विंडबना यह है कि इन भोले भाले बैगा आदिवासियों को पीने के लिए  प्रशासन साफ पानी तक मुहैय्या नहीं करा पा रहा है.

देखना होगा कि प्रशासन कब नींद से जागता है और कब राष्ट्रपति के दत्तत पुत्र कहलाने वाले इन संरक्षित जाति के भोले भाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा पाता है. जब तक इसकी व्यवस्था नहीं होती इस तरह से डायरिया पेयजल समस्या से जुड़ी अन्य बीमारियों को झेलने के लिए ये मजबूर रहेंगे.

Source : Agency