रायपुर
छत्तीसगढ़ सहित देशभर में लोगों पर होली खुमार छा गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ की राजनीतिक फिज़ा में होली का रंग सियासी रंग में कहीं छिप गया है. 2 मार्च को होली के त्योहार के पहले ही लोग रंग-बिरंगे दिखने लगे हैं. लोगों पर होली की खुमारी छाने लगी है, मगर छत्तीसगढ़ में सियासी होली भी चरम पर है.

छत्तीसगढ़ में सूखे और ओलावृष्टि के कारण किसानों को हुए नुकसान की आड़े में कांग्रेस और जोगी कांग्रेस दोनों ने ही बड़े ही सादगी से होली मनाने का निर्णय लिया है. वहीं बीते 15 सालों से सरकार चलाने वाली भाजपा धूमधाम से होली का त्योहार मना रही है.

कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह का कहना है कि प्रदेश में किसान परेशान हैं. ऐसे में होली धूमधाम से मनाने का कोई औचित्य नहीं है. जोगी कांग्रेस सुप्रीमों अजीत जोगी ने भी इस बार होली नहीं मनाने की घोषणा कर दी है. हालांकि भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि त्योहार का आनंद सभी को लेना चाहिए. भाजपा भी होली धूमधाम से मनाएगी.

जानकारों की मानें तो चाहे होली हो या दीवाली राजनेताओं को बखूबी मालूम है कि सुर्खियां कैसे बटोरी जाती है. और यही वजह है कि भाजपा के धूमधाम की होली पर कांग्रेस ने कटाक्ष किया तो वहीं कांग्रसे और जोगी कांग्रेस के सादगी वाली होली पर भाजपा ने कटाक्ष किया. अब जब साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना ही है तो कुछ राजनीतिक दल होली के बहाने शक्ति प्रदर्शन करने में जुटे हैं.

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