भोपाल
प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ फसलों के लिए लाई गई भावांतर योजना की इन दिनों चौपाल पर खूब चर्चा हो रही है। दरअसल, गांव के कलाकारों ने भावांतर योजना की असफलता को लेकर एक भजन तैयार किया है। जो इन दिनों गांव-गांव चौपाल पर किसानों द्वारा चटकारे लेकर सुना जा रहा है। भजन की थीम हरियाणा की छात्रा द्वारा गाए गए भजन 'मेरे यार सुदामा, घड़े दिनों के बाद' पर है। जो 'बता मेरे शिवुआ मामा रे तू भावांतर क्यों लाया'।

पांच मिनट 47 सेकंड के ऑडियो में गायक द्वारा किसानों से भावांतर के बारे गाए गए ऑडियो को सुनने की अपील की जाती है। जिसमें भावांतर योजना की वजह से फसलों के दाम गिरने, व्यापारियों द्वारा किसानों की फसलों के दाम कम करने। मंडियों में सरकारी नौकरशाहों की मनमर्जी। पुलिस का डंडा। भुगतान में लेटलतीफी। इसके बाद समर्थन मूल्य पर तुलाई में गड़बड़ी। चना, मसूर और सरसों की तुलाई में फसल में खराब गुणवत्ता का बताना। मंडियों में किसानों की परेशानी को गायक ने गीत के माध्यम से पेश किया है। खास बात यह है कि इन दिनों किसान गांव में चौपाल पर बैठकर मानसून आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में यह ऑडियो किसानों के बीच जमकर सुना जा रहा है और सरकार की भावांतर योजना पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

Source : agency