मुंबई
 देश के उत्तरी और मध्य हिस्से में मॉनसून फिर सक्रिय होने से खरीफ फसलों की बुआई की रफ्तार तेज हुई है, लेकिन यह अब भी पिछले साल की तुलना में करीब 10 फीसदी कम है। मूंगफली और कपास की बुआई में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इन दोनों फसलों की खेती मुख्य रूप से गुजरात में होती है, जहां इस सप्ताह की शुरुआत तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून करीब 43 फीसदी कम था।

कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों में दर्शाया गया है कि खरीफ फसलों की बुआई 13 जुलाई तक करीब 5.01 करोड़ हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल इस समय तक खरीफ फसलों की बुआई के रकबे से करीब 10.01 फीसदी कम है। सामान्य बुआई की तुलना में इस साल अब तक की बुआई का रकबा 3.02 फीसदी कम है। सामान्य रकबा पिछले पांच वर्षों का औसत है। आम तौर पर खरीफ फसलों की बुआई करीब 10.58 करोड़ हेक्टेयर में होती है, जिसमें से करीब 47 फीसदी बुआई पूरी हो चुकी है। रकबे में बड़ी गिरावट मोटे अनाज विशेष रूप से बाजरे की बुआई में आई है, जो आम तौर पर जुलाई के बाद बोया जाता है। धान की बुआई पिछले साल से करीब 8 फीसदी कम हुई है, जबकि तिलहन की बुआई 13 जुलाई तक पिछले साल से करीब 8 फीसदी कम हुई है।

Source : Agency