मुगलसराय
उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने एनआरसी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने अपने संबोधन में राहुल गांधी से पूछा कि क्या देश में मौजूद बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस नहीं भेजना चाहिए?

उन्होंने कहा कि एनआरसी के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों को अपना रुख स्पष्ट करना होगा. साथ ही उन्होंने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा. अमित शाह ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस मिल भी जाए तो भी हम 73 से 74 होंगे, लेकिन 72 नहीं होने देंगे.

अमित शाह ने जनता को संबोधित करते हुए पूछा, 'क्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोका जाना चाहिए या नहीं...? राहुल गांधी बताएं बांग्लादेशी घुसपैठियों को रहने देना चाहिए? सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हम एनआरसी पर काम कर रहे हैं. एनआरसी बांग्लादेशी घुसपैठियों से असम से बाहर निकालने का एक जरिया है. समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि क्या वो बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बेदखल करने के पक्ष में हैं या फिर उन्हें यहा रखने के पक्ष में.'

अमित शाह ने राहुल गांधी पर ओबीसी बिल को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या कांग्रेस राज्यसभा में ओबीसी बिल का समर्थन करेगी.' उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग को संवैधानिक मान्यता देने की हमारी कोशिश को विपक्ष समर्थन करे या नहीं, लेकिन हम इसे सफल बना कर रहेंगे.

 
उन्होंने कहा कि 2019 में दिल्ली के चुनाव का रास्ता यूपी से होकर जाता है और हम यूपी जीतेंगे. अमित शाह ने कहा, 'मुगलसराय वो जगह है जहां पंडित दीन दयाल उपाध्याय की हत्या हुई थी. वो हमारे प्रेरणास्रोत हैं, उन्होंने दुनिया को एकत्म मानववाद की अवधारणा दी. हम लोग 10 एकड़ भूमि में दीन दयाल उपाध्याय की विशाल प्रतिमा और स्मारक बनाने जा रहे हैं.'

शाह ने कहा, 'सपा, बसपा इकट्ठा होंगे, बुआ-भतीजा इकठ्ठा होंगे, तो क्या होगा बताइए. इनके साथ कांग्रेस मिल जाए तो भी हम 73 से 74 होंगे, लेकिन 72 नहीं होने देंगे.' उन्होंने कहा, 'बुआ-भतीजा को जब भी देखता हूं तो लगता है वो हमसे जले-भुने बैठे हैं. उसकी वजह भी है. उनके 15 साल के शासन में गुंडों, माफिया और दलालों का राज था. लेकिन योगी जी के राज में गुंडे माफिया राज्य छोड़कर भाग रहे हैं.' बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 73 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

Source : Agency