नई दिल्ली 
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में दूसरे नंबर के अधिकारी राकेश अस्थाना के अपने बॉस एवं एजेंसी के निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ कार्य में हस्तक्षेप करने को लेकर शिकायत दर्ज कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस क्रम में सोमवार को सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के आयुक्त केवी चौधरी से मुलाकात की। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ऐसा समझा जाता है कि मामले में कुछ दस्तावेज सौंपे गये हैं।  
 
उन्होंने बताया कि सीबीआई के नीति प्रभाग के अधिकारी और चौधरी के बीच यहां सीवीसी कार्यालय में हुई यह मुलाकात लगभग एक घंटे तक चली। अस्थाना ने हाल में सरकार का रूख किया था और कहा था कि वर्मा उनके द्वारा की जा रही जांचों में हस्तक्षेप कर रहे हैं और उन्हें अपमानित किया जा रहा है। इसके बाद सरकार ने अस्थाना की शिकायत को सीवीसी के पास भेज दिया था। 

सीवीसी ने 11 सितंबर और 14 सितंबर को अपने पत्रों के माध्यम से सीबीआई से विभिन्न मामलों की फाइलें मांगी थी। अधिकारियों ने बताया कि अपने जवाब में सीबीआई फाइल दिखाये जाने पर सहमत हो गई लेकिन फाइलों को मंगाये जाने को 'निराशाजनक' बताया था। गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी अस्थाना को पिछले वर्ष सीबीआई में विशेष निदेशक नियुक्त किया गया था। 

अपने प्रमुख वर्मा के खिलाफ की गई शिकायत को 'दुर्भावनापूर्ण और ओछा' बताते हुए सीबीआई ने शुक्रवार को सीवीसी को भेजे अपने जवाब के हवाले से एक बयान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि, 'शिकायतकर्ता (अस्थाना) ने सीबीआई के उन अधिकारियों को धमकाये जाने का प्रयास किया जो कम से कम छह मामलों में उनकी भूमिका की जांच कर रहे हैं।' बताया जाता है कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्मा ने आईआरसीटीसी घोटाले में उन्हें जांच करने से रोका। इस मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव आरोपी हैं। 

Source : Agency