नई दिल्ली
टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने क्रिकेट के सभी फॉरमैट से संन्यास ले लिया है। मेरठ के प्रवीण कुमार ने टीम इंडिया को कई अहम जीत दिलाई हैं। उन्होंने 13 साल प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने के बाद ये बड़ा फैसला लिया। प्रवीण बस अब अपनी ओएनजीसी के लिए कंपनी क्रिकेट खेलते नजर आएंगे। संन्यास के फैसले के बाद प्रवीण ने कहा, 'मुझे कोई पछतावा नहीं है, मैं हमेशा दिल से खेला और दिल से गेंदबाजी की।' उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश में अच्छे गेंदबाज हैं और मैं नहीं चाहता कि उनका करियर प्रभावित हो। मैं खेलता रहूंगा तो एक की जगह जाएगी। बाकी खिलाड़ियों के भविष्य में सोचना जरूरी है। मेरा समय खत्म हो चुका है और मैं इसे मान चुका हूं। मुझे ये मौका मिला इसके लिए मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं।'

प्रवीण ने इसके साथ ही गेंदबाजी कोच बनने की चाह भी जताई। उन्होंने कहा कि ये एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें वो काम करना चाहेंगे। प्रवीण की खास बात थी कि वो गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा लेते थे। 2007 में डोमेस्टिक क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाई थी। प्रवीण ने भारत के लिए 6 टेस्ट, 68 वनडे और 10 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 27 टेस्ट, 77 वनडे और 8 टी20 विकेट लिए। वनडे में उनके नाम एक हाफसेंचुरी भी दर्ज है। मार्च 2012 में उन्होंने भारत के लिए आखिरी मैच खेला था।

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