पटना
बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 131वीं जयंती रविवार को श्रीकृष्ण सिंह जयंती आयोजन समिति की ओर से पटना के एसके मेमोरियल हॉल में मनाई जा रही है. इस कार्यक्रम को अनौपचारिक तौर पर कांग्रेस का ही कार्यक्रम माना जा रहा है क्योंकि आयोजनकर्ता से लेकर कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकांश चेहरे कांग्रेस से ही हैं. पटना में हो रहे इस बड़े आयोजन को बिहार की राजनीति में भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जयंती के बहाने कांग्रेस एक बार फिर से अगड़ी जाति से आने वाले वोटरों पर डालने का प्रयास करेगी खास कर के भूमिहार समाज के लोगों पर.

इस कार्यक्रम का आयोजन कइ सालों से आयोजन समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह करते आ रहे हैं. समारोह में सबकी नजरें बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की तरफ होंगी जो इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं. पिछली बार आयोजन समिति ने इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद को बुलाया था जिसको लेकर कई सवाल भी उठे थे. ऐसे में लालू की गैरमौजूदगी में इस बार तेजस्वी को न्योता दिया गया है. कांग्रेस के मंच से तेजस्वी क्या बोल रहे हैं और अगड़े वोटरों को रिझाने की किस कदर कोशिश कर रहे हैं इस पर सभी की नजरें होंगी.

तेजस्वी यादव पटना में हो रहे इस जयंती समारोह में शामिल होंगे. पटना के एसकेएम में हो रहे इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी के सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने पूरे राज्य में प्रचार अभियान चलाया था और लोगों को कार्यक्रम में आने का न्योता दिया था. कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में तेजस्वी को भी आमंत्रित किया है इसके अलावा मंच पर कांग्रेस के और भी कई बड़े चेहरे होंगे. चुकि कांग्रेस ने हाल के दिनों में बिहार में कई अगड़े चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है ऐसे में इस कार्यक्रम के बहाने कांग्रेस के नेता फिर से अगड़ी जाति से आने वाले लोगों को रिझाने का प्रयास करेंगे.

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