ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों के चक्र में पुष्य आंठवा नक्षत्र होता है। इसे नक्षत्रों का राजा कहा गया है। इस बार पुष्य नक्षत्र 31 अक्टूबर को है। यह 30 अक्टूबर रात 3:50 बजे से शुरू होकर 31 अक्टूबर को रात 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस दिन आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अनेक उपाय कर सकते हैं:

1. इस दिन सुबह 6.30 से 9.20 बजे के बीच महालक्ष्मी मंदिर में जाकर देवी को 108 गुलाब के फूल अर्पित करें। इससे घर में स्थायी लक्ष्मी का वास होगा।

2. पुष्य नक्षत्र में दूध और चावल की खीर बनाकर चांदी के पात्र में लक्ष्मी को भोग लगाने से अष्टलक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

3. पुष्य नक्षत्र में श्रीसूक्त के 108 पाठ करने से जीवन के आर्थिक संकटों का नाश होता है और सुख-सौभाग्य प्राप्त होता है।

4. भगवान श्रीगणेश को 1008 दुर्वांकुर अर्पित करने से सुख-सौभाग्य, वैभव और ज्ञान की प्राप्ति होती है।

5. विद्या बुद्धि की प्राप्ति के लिए पुष्य नक्षत्र के दिन चांदी के पात्र से दूध का सेवन करें।

इस दिन सोने की खरीदारी का है अधिक महत्व
पुष्य नक्षत्र में सोने की खरीदारी का अधिक महत्व है। लोग इस दिन सोने इसलिए खरीदते हैं, क्योंकि इसे शुद्ध, पवित्र और अक्षय धातु के रूप में माना जाता है। यह नक्षत्र स्वास्थ्य के लिए भी विशेष महत्व रखता है। पुष्य नक्षत्र पर शुभ ग्रहों का प्रभाव होने पर यह सेहत संबंधी कई समस्याओं को समाप्त करने में सक्षम होता है।

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