नई दिल्ली 
भारत ने 2015 के वर्ल्ड कप के बाद जो 72 वनडे इंटरनैशनल मैच खेले, उनमें 11 खिलाड़ियों को नंबर 4 पर उतारा लेकिन पहली बार कप्तान विराट कोहली को लग रहा है कि टीम को इस महत्वपूर्ण नंबर पर अंबाती रायुडू के रूप में एक बुद्धिमान बल्लेबाज मिला है। दिलचस्प बात यह है कि रायुडू केवल 4 पारियों में नंबर 4 पर खेलने के लिए उतरे हैं, जिनमें उन्होंने 72.33 की औसत से 217 रन बनाए हैं। इनमें सोमवार को वेस्ट इंडीज के खिलाफ मुंबई में बनाया गया शतक भी शामिल है, जिसके बाद कोहली और उप कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें इस स्थान के लिए सबसे उपयुक्त बल्लेबाज करार दिया था। कोहली ने मैच के बाद कहा था, 'रायुडू ने मौके का पूरा फायदा उठाया। हमें 2019 विश्व कप तक उसका समर्थन करने की जरूरत है। वह खेल को अच्छी तरह से समझता है, इसलिए हमें खुशी है कि कोई बुद्धिमान बल्लेबाज नंबर 4 पर बल्लेबाजी कर रहा है।' एशिया कप में कोहली की अनुपस्थिति में रायुडू नंबर 3 पर बल्लेबाजी के लिए उतरे थे, जहां उन्होंने निरंतरता दिखाई थी। अब कप्तान की वापसी के बाद उन्हें नंबर 4 पर आजमाया गया, जिसमें वह खरे उतरे हैं। इसलिए एशिया कप में कप्तान रहे रोहित को लगता है कि भारत की लंबे समय से चली आ रही नंबर 4 की समस्या सुलझ गई है। 

रोहित ने कहा, 'उम्मीद करता हूं कि उसने चौथे नंबर को लेकर सभी रहस्य सुलझा दिए हैं। मुझे लगता है कि विश्व कप तक अब चौथे नंबर को लेकर कोई बात नहीं होगी।' विश्व कप अगले साल इंग्लैंड में खेला जाएगा। रायुडू हाल के इंग्लैंड दौरे पर नहीं जा पाए थे क्योंकि वह यो-यो टेस्ट में नाकाम रहे थे। ऑस्ट्रेलिया और न्यू जीलैंड में खेले गए पिछले विश्व कप के बाद भारत ने 11 बल्लेबाजों को नंबर 4 पर उतारा। इनमें से महेंद्र सिंह धोनी सर्वाधिक 11 पारियों में इस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे, जिनमें उन्होंने 32.81 की औसत से 361 रन बनाए। धोनी हालांकि पिछले कुछ समय से फॉर्म से जूझ रहे हैं जिसके कारण उन्हें वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 श्रृंखला के लिए नहीं चुना गया। अंजिक्य रहाणे को एक समय नंबर 4 के लिये आदर्श बल्लेबाज माना जाता था लेकिन वह निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। रहाणे ने नंबर 4 पर 10 पारियों में 46.66 की औसत से 420 रन बनाए जिसमें 4 अर्धशतक शामिल हैं। रहाणे फिलहाल वनडे टीम से बाहर हैं। युवराज सिंह भी इस बीच 9 पारियों में नंबर 4 पर उतरे और उन्होंने 44.75 की औसत से 358 रन बनाए, जिसमें 150 रन की एक पारी भी शामिल है। युवराज इस पारी के अलावा कुछ खास जलवा नहीं दिखा पाए थे, जिससे उन्हें टीम में अपना स्थान गंवाना पड़ा। 

दिनेश कार्तिक (9 पारियों में 52.80 की औसत से 264 रन) अब भी इस स्थान पर अपना दावा ठोकने की कोशिश कर सकते हैं। इनके अलावा मनीष पांडे (7 पारियों में 183 रन), हार्दिक पंड्या (5 पारियों में 150 रन), मनोज तिवारी (3 पारियों में 34 रन), लोकश राहुल (3 पारियों में 26 रन) और केदार जाधव (3 पारियों में 18 रन) भी इस बीच चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे लेकिन प्रभावित करने में असफल रहे। 

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