तोक्यो 
अकसर आपने लोगों का पर्स, चाबी या फोन गुम होते सुना होगा, लेकिन जापान से जुड़ा एक अलग ही मामला सामने आया है। दरअसल, जापान का पूरा का पूरा एक द्वीप गायब हो गया, जिसकी उसे लंबे वक्त तक भनक ही नहीं लगी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन और सरकार हरकत में है, क्योंकि इससे जापान और रूस के बीच सीमा विवाद भी हो सकता है। 

जापान का जो द्वीप गायब हो गया है कि उसका नाम इसेबेहनाकोजिमा (sanbehanakitakojima) है। यह एक छोटा सा निर्वासित द्वीप या टापू हुआ करता था जिसे कोस्ट गार्ड ने 1987 के सर्वे में देखा था। 

द्वीप के गुम होने की खबर सबसे पहले हिरोशी शिमीजु नाम के लेखक को मिली। दरअसल वह छिपे हुए द्वीपों की एक तस्वीरों वाली किताब छापने वाले थे। इसके लिए वह उस द्वीप पर जा रहे थे। हिरोशी द्वीप के बताए गए ठिकाने पर तो पहुंच गए लेकिन वहां कुछ दिखा ही नहीं। गांववालों से पूछने पर पता चला कि काफी वक्त से वहां कोई जमीन दिखी ही नहीं। 

बता दें कि द्वीप के गुम होने पर जापान-रूस का विवाद हो सकता है, क्योंकि उस उत्तरी क्षेत्र में रूस भी अपना दावा करता रहा है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, देश उस द्वीप के आसपास के पानी पर ही हक जता सकते हैं जो हाइ टाइड (ज्वार) के वक्त समुद्र से ऊपर दिखे। 1987 में हुए सर्वे में इसेबेहनाकोजिमा समुद्र से 1.4 मीटर ऊपर था जो अब नहीं है। 

वहीं कोस्ट गार्ड के सीनियर अधिकारी टोमो फूजी मानते हैं कि द्वीप हवा और बर्फ की वजह से घिस-घिसकर खत्म हो गया होगा। अगर द्वीप का पता नहीं चला तो जापान को करीब 500 मीटर तक फैले प्रादेशिक समुद्री जल का नुकसान होगा। 

Source : Agency