इस्लामाबाद

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप का सामना करने वाली ईसाई महिला आसिया बीबी को शीर्ष अदालत द्वारा निर्दोष करार दिए जाने के बावजूद उसका भविष्य अधर में है। पाकिस्तान सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों को उनकी रिहाई के खिलाफ अपील करने की अनुमति दे दी है और उनका नाम उड़ान निषेध सूची में डाल दिया है, जिससे वह देश से बाहर नहीं जा सकती। 
 
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बीबी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था। आसिया के पति आशिक मसीह ने बर्लिन में एक जर्मन रेडियो के साथ बातचीत में मामले से निपटने में पाकिस्तान सरकार के रवैये की निंदा की। उन्होंने अधिकारियों से अपनी पत्नी को सुरक्षा प्रदान करने को कहा है। 
 
आसिया की रिहाई को लेकर पाकिस्तान में हुए विरोध प्रदर्शनों के संबंध में पुलिस ने करीब 2,000 लोगों पर मामला दर्ज किया है। बता दें कि कट्टरपंथी संगठन आसिया की रिहाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, शनिवार को उनके प्रदर्शन बंद होने की भी खबर आई थी।सुप्रीम 
कोर्ट में आसिया का केस लड़नेवाले वकील ने भी डरकर देश छोड़ चुके हैं। 
 
बता दें कि ईशनिंदा कानून में सुप्रीम कोर्ट ने आसिया बीबी को निर्दोष मानते हुए फांसी की सजा को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के बाद आसिया ने कहा था कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि वह आज़ाद जिंदगी जी पाएंगी। हालांकि, अब उनके देश से बाहर जाने के रास्ते बंद हैं और ऐसे हालात में उनका परिवार लगातार उनकी सुरक्षा के लिए चिंता जता रहा है। 

Source : Agency