न्यूयार्क
अमेरिका में नागरिकता को लेकर डोनाल्ड ट्रंप सरकार लगातार कड़े फैसले ले रही है। प्रवासियों को लेकर बन रहे नए कानूनों से साफ जाहिर है कि ट्रंप के देश में रहने के लिए कई प्रक्रियाओं को पार करना होगा।  अमेरिका में भारतीय शादीशुदा दंपति के साथ में रहने के भी कुछ नियम कानून हैं जिसको पार करने के बाद ही वे अमेरिका में साथ रह सकते हैं। किसी नागरिकता प्राप्त या ग्रीन कार्ड धारक से शादी करने का ये मतलब नहीं की पति या पत्नी को भी अमेरिका में रहने का अधिकार मिल जाएगा। वहां रहने के लिए एक साक्षात्कार से होकर गुजरना होगा। इससे भारतीय जोड़ों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी ।

 आव्रजन वकील के अनुसार, वाणिज्य दूतावास भलीभांति पारंपरिक भारतीय शादी से अवगत होते हैं। साथ ही उन्हें ये भी मालूम होता है कि अरेंज विवाह और अंतर जाति विवाह के भारत में क्या मायने हैं। इन सभी बातों को मद्देनजर रखते हुए ही पति या पत्नी से सवाल पूछे जाते हैं। यहां तक की, सबूत के तौर पर शादी का एलबम, शादी के दौरान हुए खर्चों की रसीद, बुकिंग और हनीमून बुकिंग आदि की भी जांच होती है। हालांकि, यदि शादी धूमधाम से न हुई हो और कोर्ट में कानूनी तौर पर हुई हो तब भी शादी मान्य होती है। ऐसी परिस्थिति में कानूनी कागजात महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन संदेह की अवस्था में गंभीर जांच पड़ताल हो सकती है। 

 धोखाधड़ी जांच एवं राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एफ एन डीएस) ने आव्रजन अधिकारीयों को सलाह दी है की वे शादीशुदा दंपतियों के सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भी पूरी जांच करें की उनका रिश्ता वैध है या नहीं। साक्षात्कार में पति एवं पत्नी दोनों को ही अलग बैठाया जाता है जहां उनसे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर आदतों और खानपान से जुड़े किसी भी प्रकार के सवाल पूछे जा सकते हैं। अमेरिकी वाणिज्य अधिकारीयों को  भारतीय परंपरा की असंख्य बारीकियों से अवगत कराया जाता है जिसके आधार पर ही साक्षात्कार में सवाल किए जाते हैं, जैसे की अपनी ही जाति में शादी करने का दबाव  और इस प्रकार की परिस्तिथियों में अधिकारीयों की प्रसाशनिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। 
 

Source : Agency