इंदौर
चुनाव से पहले एक बार फिर राज्यमंत्री सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें बढ़ गई है| चुनावी समर में पटवा का बैंक लोन का मामला फिर गरमा गया है,  डीएम कोर्ट ने उन्हें एक बार फिर नोटिस जारी कर 12 नवंबर को हाजिर होने के आदेश दिए हैं| वहीं इस समय उपस्तिथि दर्ज नहीं होती है, तो उनके खिलाफ एकतरफा करवाई की जा सकती है| पटवा को बीजेपी ने एक बार फिर भोजपुर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है| चुनावी माहौल में लोन का मामला उनके लिए मुसीबत बना हुआ है| 

दरअसल, सुरेंद्र पटवा, उनकी पत्नी मोनिका, भाई भरत पटवा सहित कुल सात लोगों के खिलाफ कलेक्टर (डीएम) कोर्ट ने उपस्थिति के लिए फिर से नोटिस जारी किया है। इसमें सभी को 12 नवंबर को दोपहर 3 बजे इंदौर डीएम कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। नोटिस के अनुसार आपके द्वारा बैंक की लोन राशि 33 करोड़ 45 लाख रुपए नहीं चुकाए गए हैं और न ही संपत्ति का कब्जा सौंपा गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा इन सभी तथ्यों की जानकारी देकर गारंटी के तौर पर रखी गई संपत्तियों का कब्जा दिलाने का आवेदन किया है। बता दें कि इस नोटिस में मेसर्स पटवा ऑटोमोटिव प्रालि, मेसर्स स्टार सिटी कंस्ट्रक्शन प्रालि के साथ महेंद्र पटवा और फुलकुंवर बाई पटवा का नाम भी है। 

नोटिस में कलेक्टर निशांत वरवड़े ने तहसीलदार को आदेश देते हुए यह भी लिखा है कि यदि संबंधितों द्वारा नोटिस नहीं लिया जाता है तो इसे चस्पा कर तामील कराया जाए और नियमानुसार पंचनामा भी बनवाएं। इसके अलावा इंदौर से बाहर रहने वालों को नोटिस रजिस्टर्ड डाक से भेजा जाएगा| इसमें सभी को 12 नवंबर को दोपहर 3 बजे इंदौर डीएम कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं। 

इससे पहले सुरेंद्र पटवा को बैंक ऑफ बड़ौदा ने विलफुल डिफॉल्टर का शो-कॉज नोटिस जारी किया था, मामला लोन ना चुकाने का है,. बैंक ने अख़बारों में भी विज्ञापन प्रकाशित किया था| विलफुल डिफॉल्टर उसे माना जाता है, जो पैसा होने के बावजूद बैंक को लोन की रकम नहीं चुकाता है| शो-रूम के संचालन के लिए सुरेन्द्र पटवा ने बैंक से लोन लिया था, लेकिन उसके बाद किस्‍तें नहीं चुकाई गईं, इसलिए बैंक ने उन्हें नोटिस जारी किया था| 

Source : Agency