भोपाल
मध्यप्रदेश में पंद्रहवें विधानसभा चुनाव के लिए नामांकनपत्र दाखिले का एक दिन शेष रहते सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरूवार को तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में बहुप्रतीक्षित राजधानी भोपाल की गोविंदपुरा सीट पर तस्वीर साफ हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के तीखे तेवरों और चेतावनी के बाद बीजेपी ने उनकी बहू को टिकट दे दिया है। वहीं, इंदौर-4 से एक बार फिर बीजेपी ने मालिनी गौड़ को मैदान में उतारा है। वह इंदौर की महापौर भी हैं। 

जानकारी के अनुसार इस बार प्रदेश के विधानसभा चुनाव बेहद रोचक बने हुए हैं। कहीं चाचा भतीजे की जोड़ी देखने को मिल रही है तो कहीं परिवारवाद हावी नजर आ रहा है। इस बार राजधानी भोपाल की पूर्व महापौर रहीं कृष्णा गौर और इंदौर की वर्तमान विधायक और महापौर मालिनी गौड़ मैदान में हैं। गोविंदपुरा सीट की बात की जाए तो यह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की पारंपरिक सीट है।  बाबूलाल गौर को बीजेपी के 70 पार की उम्र वाले नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी न देने के फॉर्म्युले के चलते शिवराज ने अपने मंत्रिमंडल से निकाल दिया था। इसके बावजूद पार्टी में गौर की अहमियत अभी कम नहीं हुई है। गौर राज्य की सियासत में कद्दावर नेता रहे हैं। उमा भारती के बाद उन्हीं को राज्य में सीएम की कुर्सी सौंपी गई थी। 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक गौर राज्य के सीएम रहे। इसके साथ ही वह अब तक 10 बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। 

वहीं, इंदौर-4 से मालिनी गौड़ को टिकट दिया गया है। इंदौर जिले की इंदौर-4 सीट करीब 3 दशक से बीजेपी के पास है। इस सीट पर 2.30 लाख वोटर हैं और यहां से मालिनी सिंह गौर विधायक हैं। इस सीट से बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी पूर्व में विधायक रह चुके हैं। 

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