नई दिल्ली 
पिछले एक महीने में सुप्रीम कोर्ट को 4 नए जज मिले हैं। इसके अलावा सीजेआई (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) रंजन गोगोई की अगुआई वाले कलीजियम ने महज 30 दिनों में 6 बैठके की है और केंद्र के पास अलग-अलग हाई कोर्ट्स के 9 चीफ जस्टिस और 29 जजों के नामों का प्रस्ताव भेजा है। 
 
सीजेआई गोगोई, जस्टिस मदन. बी. लोकुर, कुरियन जोसेफ, ए. के. सिकरी और जस्टिस एस. ए. बोबडे की बृहद कलीजियम ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए केंद्र को नामों की सिफारिश भेजने के अलावा विभिन्न हाई कोर्ट के जजों के तबादले भी किए है। दूसरी तरफ, सीजेआई गोगोई, जस्टिस लोकुर और जोसेफ की 3 सदस्यीय कलीजियम ने विभिन्न हाई कोर्टों के जजों और दूसरे न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर सिफारिश भेजी है। 

हाई कोर्ट्स के चीफ जस्टिस के लिए जिन 9 नामों की सिफारिश की गई हैं, वे हैं- जस्टिस एन. एच. पाटिल (बॉम्बे हाई कोर्ट), रमेश रंगनाथन (उत्तराखंड हाई कोर्ट), ए. एस. बोपन्ना (गुवाहाटी हाई कोर्ट), डी. के. गुप्ता (कलकत्ता हाई कोर्ट), विजय कुमार बिष्ट (सिक्किम हाई कोर्ट), गोविंद माथुर (इलाहाबाद हाई कोर्ट), एस. के. सेठ (मध्य प्रदेश हाई कोर्ट), ए. पी. साही (पटना हाई कोर्ट) और संजय करोल (त्रिपुरा हाई कोर्ट)। 

अगस्त और सितंबर में सुप्रीम कोर्ट की कलीजियम जिसमें जस्टिस गोगोई और जस्टिस लोकुर बतौर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों के तौर पर शामिल थे, ने 6 बैठके की थी। उस दौरान कलीजियम ने केंद्र को 40 ऐडवोकेट्स और न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश हाई कोर्ट के जजों के लिए की थी। इसके अलावा कलीजियम ने हाई कोर्ट के 4 जजों के तबादले का प्रस्ताव भी भेजा था। 

पिछले 2 महीनों (25 सितंबर से 31 अक्टूबर) में जजों के लिए नामों की सिफारिश के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट को सबसे ज्यादा लाभ मिला है। एक तरफ जहां तब के सीजेआई मिश्रा की अगुआई वाले कलीजियम ने हाई कोर्ट कलीजियम द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के लिए भेजे गए 33 ऐडवोकेट्स में से 17 के नामों को मंजूरी देते हुए केंद्र को सिफारिश भेजी, वहीं दूसरी तरफ सीजेआई गोगोई की अगुआई वाली कलीजियम ने 31 अक्टूबर को 15 अन्य न्यायिक अधिकारियों में से 13 नामों की हाई कोर्ट के जजों के लिए केंद्र को सिफारिश भेजी। इस तरह पिछले 2 महीनों में सुप्रीम कोर्ट की कलीजियम ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जजों के लिए 30 नामों की सिफारिश भेजी। बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में जजों के कुल 160 पद मंजूर हैं, जिनमें से 76 पद खाली है। 

दूसरी तरफ, पिछले 2 महीनों में उड़ीसा हाई कोर्ट कलीजियम द्वारा भेजे गए नामों को सुप्रीम कोर्ट कलीजियम की मंजूरी ही नहीं मिली है। पिछले 2 महीनों से उड़ीसा हाई कोर्ट वकीलों की हड़ताल की वजह से एक तरह से पंगु बन चुका है। यहां वकील अपने 2 साथियों पर पुलिस के हमले के विरोध में हड़ताल पर हैं। 6 महीने पहले हाई कोर्ट कलीजियम ने 12 नाम भेजे थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने इनमें से सिर्फ एक न्यायिक अधिकारी के नाम को मंजूरी दी है। 

Source : Agency