लखनऊ
बहुजन समाज पार्टी(बसपा)अध्यक्ष मायावती ने नोटबंंदी को धोखा बताते हुए कहा कि इसके लिए बीजेपी सरकार को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश में 500 तथा 1 हजार रूपए के नोट बंद करने से जो-जो फायदे देश की सवा सौ करोड़ जनता को गिनाए थे, 2 साल बीत जाने के बाद भी उसमें से एक भी नहीं मिला। नोटबंदी से देश की जनता परेशान रही और आज तक इससे उभर नहीं पाई है। इसके लिए देश की जनता से बीजेपी सरकार को माफी मांगनी चाहिए।   

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा आपाधापी में देश की जनता पर जबर्दस्ती थोपे गए‘‘नोटबन्दी‘’की आर्थिक इमरजेन्सी से वह कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है जिसका दावा सरकार ने इसको लागू करते समय किया था। बीजेपी की देश में पहली बार पूर्ण बहुमत से सरकार बनी थी। लोगों को सरकार से बहुत उम्मीदें थी। इस सरकार को हमेशा वादाखिलाफी की सरकार के रूप में याद किया जाएगा। नोटबन्दी से सर्वसमाज के तमाम मेहनतकश एवं ईमानदार लोगों की कमर तोड़ दी है। बीजेपी एण्ड कंपनी के तमाम चहेतों ने इसी बहाने अपने-अपने काले धन को विभिन्न उपायों के माध्यम से बैंकों में जमा करके उसे सफेद कर लिया है। इतना ही नहीं बीजेपी ने भी पार्टी के तौर पर देशभर में अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है। 

मायावती ने कहा कि विदेशों से काला धन देश में वापस लाकर देश के हर गरीब परिवार के प्रत्येक सदस्य को 15 से 20 लाख रूपए देने, किसानों कीे आत्महत्या रोकने तथा उन्हें कर्ज की अदायगी नहीं कर पाने पर जेल न भेजे जाने का बीजेपी ने वायदा किया था लेकिन आजतक एक भी काम पूरा नहीं हुआ। देश के सवा सौ करोड़ गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों, युवाओं तथा महिलाओं के‘अच्छे दिन’लाने का सुनहरा सपना दिखाकर वोटों के स्वार्थ की राजनीति करने वाली बीजेपी सरकार ने जनकल्याण का ऐसा कोई भी काम नहीं कर पाई है जिससे लोगों का जनजीवन थोड़ा बेहतर होकर उनके जीवन में बेहतर परिवर्तन आया हो।  

Source : Agency