मंदसौर
केंद्र सरकार के एससी-एसटी एक्ट पारित करने के खिलाफ लामबंद सवर्ण व पिछड़ा वर्ग की नाराजगी को नोटा में बदलने से रोकने के लिए संघ ने मैदान संभाल लिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों के बीच पहुंचकर चर्चा के गुर सिखाने के साथ ही संघ के पदाधिकारी व स्वयंसेवक घर-घर पहुंचकर लोगों को नोटा के दुष्प्रभाव की जानकारी दे रहे हैं। इसके साथ ही हर बूथ पर पांच-पांच स्वयंसेवक भी मौजूद रहेंगे।

आरएसएस पहली बार भाजपा के साथ खुलकर मैदान में दिख रहा है। बायपास पर गिरनार वाटर पार्क परिसर में हुई मंदसौर-नीमच जिले के प्रमुख भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में आरएसएस के विभाग प्रचारक योगेश शर्मा का पहुंचकर संबोधित करना भी इसी की एक कड़ी है। उन्होंने नोटा से लेकर एससी-एसटी एक्ट के चलते सवर्ण व पिछड़े वर्ग में छा रही नाराजगी को दूर करने के मंत्र भी कई उदाहरणों के साथ भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओें को दिए थे।

इस बार बूथ पर भी रहेंगे

भाजपाई सूत्रों की माने तो इस चुनाव में प्रत्येक बूथ पर भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा पांच-पांच स्वयंसेवक भी रहंेंगे। मतदान के दिन तक भी एक-एक स्वयंसेवक 15-15 घरोें में जाकर एससी-एसटी एक्ट के कारण भाजपा से नाराज लोगों को नोटा नहीं दबाने के लिए मनाएंगे।

 आरएसएस के स्वयंसेवक शहर सहित जिलेभर में नगरों व गांवों में घर-घर जाकर जनजागरण अभियान भी दीपावली से शुरू करने वाले हैं। इसे एससीएसटी एक्ट के विरोध व आर्थिक आरक्षण पर आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे नोटा अभियान को लेकर जागरूकता बताई जा रही है। पर असल चिंता बड़ी संख्या में नोटा में जाने वाले वोट से भाजपा को होने वाले नुकसान की है। मंदसौर, रतलाम व नीमच के विभाग कार्यवाह दशरथसिंह झाला का कहना है कि हम नोटा को लेकर जनजागरण कर रहे हैं कि वह राष्ट्रहित में नहीं है। इसके बजाय उपलब्ध बेस्ट उम्मीदवार को चुना जाए।  

Source : Agency