दंतेवाड़ा/रायपुर। 

बस्तर में 12 नवंबर को पहले चरण के मतदान के पहले सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली हैं। फोर्स ने एक हार्डकोर नक्सली वेट्टी हड़मा को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। हड़मा की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी, उस पर एक लाख का इनाम भी था। वो कई नक्सली वारदातों में शामिल रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक नक्सली वेट्टी हड़मा परचेली के जंगलों से CRPF और कटेकल्याण पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। मतदान के दौरान नक्सली वारदात की आशंका में सुरक्षा बलों को उसकी तलाश थी। वेट्टी हड़मा परचेली पंचायत कमेटी का अध्यक्ष था। वेट्टी हड़मा प्रेशर बम लगाने, आगजनी की कई घटनाओं सहित कई वारदातों में शामिल था।

 

दरअसल नक्सली चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने पर आमादा हैं। इसके चलते फोर्स भी जंगलों में सघन सर्चिंग अभियान चलाए हुए थी। इसी दौरान संयुक्त टीम को हड़मा के परचेली के जंगलों में छिपे होने का इनपुट मिला। इस पर काम करते हुए संयुक्त टीम ने इस हार्डकोर नक्सली को हिरासत में लिया। कमांडर हड़मा की अगुवाई में ही नक्सली बस्तर में कई बड़ी नक्सली वारदातें कर चुका है।

कई बड़े नक्सली नेताओं से पूछताछ में सुरक्षाबलों को उसकी मौजूदगी के बारे में पता चला। उसका नाम पकड़ में आए हर बड़े नक्सली से सुना गया.. इसके बाद हड़मा को लेकर लगातार रहस्य बना हुआ था। हालांकि सुरक्षाबल हड़मा को लेकर पुख्ता जानकारियां लंबे समय से जुटाई गई। सुरक्षाबलों ने उसकी तस्वीर भी जुटाई क्योंकि कुछ समय पहले तक सुरक्षाबलों के ये भी नहीं पता था कि वो दिखता कैसा है। बाद में प्लानिंग के साथ सुरक्षाबलों ने हड़मा और उसके लड़ाकों को उनकी मांद में समेटे रखा।

 
बताया जाता था कि हड़मा 4 स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहता है। फोर्स कई बार उसकी लोकेशन तक भी पहुंची थी लेकिन उसकी सुरक्षा में तैनात नक्सली अपनी जान देकर उसे बचाते रहे। कुछ महीने पहले सरेंडर करने वाले नक्सली कमांडर पहाड़ सिंह से हड़मा के बारे में काफी सूचनाएं मिली थी और उसी आधार पर उसकी तलाश की जा रही थी।

Source : Agency