वैसे तो वास्तु की नज़र से देखें तो घर का हर हिस्सा महत्वपूर्ण माना जाता है लेकिन घर का मुख्य द्वार सबसे ज्यादा महत्व रखता है। एेसा कहा जाता है कि घर में आने वाली हर तरह की ऊर्जा यहीं से आती है। इसी के साथ घर-परिवार की खुशहाली जुड़ी होती है। इन सबके बारे में ज्यादातर लोगों को पता ही होगा लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि घर का मुख्य द्वार वहां रहने वाले सदस्यों की हेल्थ पर भी बहुत गहरा असर डालता है। कहा जाता है कि अगर घर का मुख्य द्वार वास्तु के अनुसार हो तो एेसे घर में रहने वाले सदस्य हमेशा स्वस्थ रहते हैं। इसके अलावा एेसे घर में कभी भी सुख-समृद्धि की कोई कमी नहीं होती। 

बता दें कि वास्तु के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्र में घर का मुख्य द्वार घर की सुख-समृद्धि और विद्वानता को दिखाता है। इसलिए हमेशा से घर के मेन गेट को सजाने की परंपरा रही है। फिर चाहे वह रंगोली से हो या अशोक के पत्ते के बने तोरण से। वास्तु के अनुसार वो घर का मेन गेट ही होता है जो परिवार के लोगों को संकटों से बचाता है और और घर के दोषों को दूर करता है। सुबह-सुबह घर के दरवाज़े पर ये उपाय करने से नकारात्मकता दूर हो जाती है। व्यक्ति के सभी रुके कार्य पूर्ण होने लगते हैं। तो आइए जानते हैं मुख्य द्वार से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें- 

वास्तु के अनुसार सुबह-सुबह जब भी आप अपने घर का दरवाजा खोलें तो खोलते से ही वहां गंगाजल का छिड़काव जरूर करें और बाद में दरवाजे पर स्वास्तिक बनाएं।

इसे बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि ये सूर्योदय से पहले बनाएं और ये ध्यान रहे कि ये हल्दी का बना हो। इसके साथ ही गेट पर अशोक के पत्ते पर मौली बांधकर ज़रूर लगाएं। अकेले अशोक के पत्ते भी लगा सकते हैं। ऐसा करने से घर से नकारात्मक उर्जा दूर रहती है और लक्ष्मी जी हमेशा स्थिर रहती हैं।

वास्तु की मानें तो घर का मेन गेट आपको कई तरह के दोषों से बचाता है। घर को कई तरह की परेशानियों से मुक्ति दिलाने में भी घर के मुख्य दरवाज़े का बहुत बड़ा योगदान होता है। तो अगर आप अपने घर में होने वाली छोटी बड़ी परेशानियां से परेशान है तो इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर आप अपनी इन समस्याओं से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।

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