क्या आप किसी एेसे इंसान को जानते हैं जिसे गुस्सा न होता हो। मतलब जिसने कभी किसी को किसी भी बात पर गुस्साया न हो। नहीं न। क्योंकि दुनिया में शायद एेसा कोई व्यक्ति है ही नहीं जिसे गुस्सा नहीं होता हो। यहां तक कि पुराने समय में बड़े से बड़े ऋृषियों तक का अपने क्रोध पर काबू नहीं था, क्योंकि क्रोध एक स्वभाविक क्रिया है। कहा जाता है कि सामान्य गुस्सा तो स्वस्थ मानव की निशानी मााना जाता है लेकिन कुछ लोगों को बात बात पर बहुत ज्यादा गुस्सा आता है जो अच्छा नहीं होता। परंतु आपको बता दें कि इसका कारण वो व्यक्ति नहीं होता। जी हां, आपको शायद इसके बारे में पता नहीं होगा कि कुछ लोगों का बात बात पर अधिक क्रोधित होने के पीछे का कारण वास्तु दोष भी हो सकता है। 

जी हां, वास्तु शास्त्र में इस बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है। इसके अनुसार ऐसे घर होते हैं जिनमें रहने वालों को गुस्सा ज्यादा आता है। तो विस्तार से जानते हैं इसके बारें में- 

वास्तु में कहा गया है कि घर का दक्षिण-पश्चिम भाग खुला हुआ नहीं होना चाहिए। एेसा कहा जाता है कि अगर ये भाग खुला हो तो एेसे घर में रहने वाले लोगों को हद से ज्यादा  गुस्सा आता है। इसके साथ ही यहां रहने वाले लोग चिड़चिड़े स्वभाव के होते हैं। 

वास्तु शास्त्र में ये भी कहा गया है कि घर को किसी हालात में भी गंदा नहीं रखना चाहिए। अगर घर गंदा हो तो वहां रहने वाले लोगों में क्रोध की प्रवृत्ति जागृत हो जाती है जिस कारण घर के सारे सदस्यों की आपस में ही नहीं बनती। वह आपस में ही लड़ते-झगड़ते रहते हैं। इन सबके कारण ऐसे घर में कभी भी खुशियों का वास नहीं हो पाता।

घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में पानी की टंकी रखने के लिए मना किया गया है। माना जाता है कि ऐसा होने पर घर में सुख-शांति का वास नहीं होता। परिवार के लोगों में क्रोध की भावना बढ़ती है। 

वास्तुशास्त्र के मुताबिक घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में रसोई नहीं बनवानी चाहिए। कहा जाता है कि इस दिशा में रसोई होने से घर के लोग मुश्किल में पड़ जाते हैं। ऐसे लोग हर समय अपने काम में ही उलझे रहते हैं। 

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