नई दिल्ली

संघ परिवार ने राम मंदिर आंदोलन को एक बार फिर से धार देने और लोगों को एकजुट करने की योजना बनाई है. आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद राम मंदिर निर्माण को लेकर 25 नवंबर को अयोध्या, नागपुर और बेंगलुरु में मेगा रैली का आयोजन करने जा रहे हैं.

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले देश भर में संघ परिवार राम मंदिर को लेकर माहौल बनाने में जुट गया है. देश की सभी 543 लोकसभा क्षेत्र में आरएसएस और वीएचपी ने रैली करने जा रहे हैं.

 आरएसएस और वीएचपी ने 25 नवंबर से 25 दिसंबर के दौरान देश में अलग-अलग हिस्सों में 543 रैलियां करने की योजना बनाई है. संसद के शीतकालीन सत्र से तीन दिन पहले 9 दिसंबर को साधु-संत दिल्ली में राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन करेंगे.

वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, 'अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाने के प्रयास किए गए हैं. कांग्रेस नेता सीपी जोशी ने भी हाल ही में कहा है कि राम मंदिर कांग्रेस ही बनवाएगी. कांग्रेस का प्रधानमंत्री ही राम मंदिर बनवाएगा. यह एक अच्छा समय है कि वे भी वास्तव में हिंदू भावनाओं का ख्याल कर रहे हैं.'

उन्होंने कहा कि मध्य और दक्षिण भारत के लोगों के लिए नागपुर और बेंगलुरू जैसे शहर में रैली के लिए चुनाव गया है. रविवार को देश के तीन शहरों में होने वाली रैली में करीब 2 लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है.

बता दें कि आरएसएस में दूसरे नंबर के नेता सुरेश भैयाजी जोशी ने इस महीने के शुरू में ही अयोध्या का दौरा किया था. उन्होंने अयोध्या में रविवार को होने वाले कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया था. हालांकि, यूपी सरकार ने अयोध्या में विवादित स्थल पर बड़ी सभा करने पर रोक लगा रखी है, लेकिन दर्शन करने को लेकर रोक नहीं है.

वहीं, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने लाव-लश्कर के साथ दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं. लेकिन शिवसेना को सभा करने की अनुमित नहीं दी गई है.

शिवसेना प्रमुख की अयोध्या में साधु-संतों के साथ बैठक करने की योजना है. वे शनिवार को अयोध्या पहुंचेंगे और जहां लक्ष्मण पार्क में संतों के साथ मुलाकात कर सकते हैं. उद्धव ठाकरे सरयू के तट पर आरती भी करेंगे. इसके बाद रामलला के दर्शन करने भी जाएंगे.

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