राजस्थान             

राजस्थान में बीजेपी के नेता चुनाव प्रचार के दौरान चूल्हे पर रोटी बनाते और आटा गूंथते दिख रहे हैं. इन नेताओं को चुनाव प्रचार के दौरान रोटी सेंकते देखकर जनता कह रही है कि क्या मोदी जी की उज्ज्वला योजना फेल हो गई है, जो उम्मीदवार गैस चूल्हे पर नहीं बल्कि आग पर रोटियां सेक रहे हैं.

मौसम चुनाव का है तो नेता चुनावी रोटी सेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं. चुनाव प्रचार पर निकली कोटा की पूर्व महारानी कल्पना सिंह एक गरीब के घर में घुसकर उसके चूल्हे के पास बैठकर रोटी बनाने लगीं. कल्पना सिंह टिकट मिलने के 3 घंटे पहले कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुईं थी. कल्पना सिंह से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि एक बार चुनाव जीतने की देर है इसके बाद सबको गैस चूल्हे पर हीं खाना बनवाएंगी.

नेता कहीं रोटी सेंक रहे हैं तो कई महिलाओं के बीच डांस कर रहे हैं. इसी तरह से सचिन पायलट के खिलाफ टोंक से बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे यूनुस खान भी चुनाव प्रचार के दौरान खुद को गरीब साबित करने के लिए झोपड़ी में घुसकर रोटी बना रहे हैं. यूनुस खान कहते हैं कि वह अपनी गरीबी में आटा भी गूंथते थे और रोटी भी बनाते थे. यूनुस खान ने कहा कि पायलट महाराज हैं वे सेवक हैं.

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई महाराज और सेवक के बीच है, लेकिन चूल्हे पर रोटी बनाने की बात को लेकर सवाल उठने पर कह रहे हैं कि सिलेंडर लोगों के पास है लेकिन चूल्हे की आदत गई नहीं है. यूनुस खान ने कहा कि आदत है तो धीरे-धीरे ही जाएगी.

ज्योतिरादित्य ने फिर उठाया EVM का मुद्दा

इधर एमपी में चुनाव खत्म होने के बाद राजस्थान पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को ईवीएम का मुद्दा फिर उठाया. सिंधिया ने कहा कि उन्होंने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का मामला नही उठाया था, मगर ईवीएम 48 घंटे तक नही पहुंचा तो उन्हें संदेह हुआ.

सिंधिया ने कहा कि 50 ईवीएम को रात के अंधेरे में पहुंचे. सतना, सागर जैसे कई जगहों पर स्ट्रांग रूम में बिजली गुल हो गई. मतदान के समय बड़ी संख्या में ईवीएम खराब हुए, यह सब सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि नियम के मुताबिक बिना इस्तेमाल ईवीएम को भी साथ रखा जाता है, लेकिन उसे अलग क्यों लाया गया. चुनाव आयोग ने इसका संज्ञान नहीं लिया है.  

झालावाड़ की सभा में शनिवार को घोषणा होने के बावजूद नहीं पहुंचने पर उन्होंने कहा कि अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी. बता दें कि कि अपनी बुआ वसुंधरा राजे के खिलाफ ज्योतिराज सिंधिया कि शनिवार को खानपुर में सभा रखी गई थी लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया वहां नहीं पहुंचे थे.

Source : Agency