हैदराबाद
तेलंगाना में सात दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई है और सत्तारूढ़ टीआरएस, कांग्रेस तथा बीजेपी मतदाताओं को लुभाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहले भी इस राज्य में चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं और वे सोमवार को रैलियों को संबोधित करने के लिए फिर से इस राज्य में आ रहे हैं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के.चन्द्रशेखर राव दूसरे कार्यकाल की उम्मीद में पिछले कुछ दिनों से जोरदार प्रचार कर रहे है। टीआरएस 119 सदस्यीय विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने जा रही है। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान बुधवार को समाप्त होगा।

कांग्रेस ने टीडीपी, तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) और बीकेपी के साथ मिलकर 'प्रजाकुटामी' (पीपुल्स अलायंस) बनाया है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों के वरिष्ठ नेता राज्य में जमकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में जन सभाओं को संबोधित किया। केन्द्रीय मंत्रियों सुषमा स्वराज और राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था। कांग्रेस के लिए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले सप्ताह एक चुनावी सभा को संबोधित किया था।

चन्द्रबाबू नायडू भी पीपुल्स अलायंस के लिए व्यापक प्रचार करने में व्यस्त है। कांग्रेस ने टीआरएस को बीजेपी की एक 'कठपुतली' बताया था जबकि बीजेपी ने 'परिवार शासन' को बढावा देने के लिए चन्द्रशेखर राव की पार्टी पर निशाना साधा। टीआरएस नेता और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के बेटे के टी रामा राव ने कहा,'टीआरएस की संभावनाएं बेहद उज्ज्वल हैं और वास्तव में दिन प्रतिदिन चीजें सुधार रही हैं।' उन्होंने पार्टी की बेहतर संभावनाओं का श्रेय राज्य सरकार के सुशासन और कल्याण तथा विकास के मजबूत संयोजन को दिया है, जिसका लाभ लोगों ने पिछले चार वर्षों में उठाया है।

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