ग्वालियर
चुनावों का फैसला अभी आने में थोडा समय है लेकिन उससे पहले ही पार्टियों में शिकवे शिकायतों ने तेजी पकड़ ली है। ग्वालियर जिला कांग्रेस के पूर्व  महामंत्री ने जिला अध्यक्ष पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। उनके पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसने खलबली मचा दी है। 

पिछले 15 सालों से वनवास काट रही कांग्रेस में अभी भी एकजुटता नजर नहीं आ रही है, जिसके चलते विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होते ही आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री द्वारा जिलाध्यक्ष को बदलने के संबंध में लिखे गए गए एक पत्र के सोशल मीडिया में जारी होने से खासा बवाल मचा हुआ है।

कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री मोहन माहेश्वरी द्वारा शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी किए गए पत्र में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा को बदलने की मांग करते हुए कहा गया है कि शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में जीत के लिए  कोई प्रयास नहीं किए। इन चुनावों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष कोई महत्वपूर्ण भूमिका अदा नहीं कर सके और उन्होंने प्रत्याशियों को उनके स्वयं के प्रयासों के ऊपर छोड़ दिया। जिलाध्यक्ष कांग्रेसजनों के साथ संगठित होकर प्रमुख बाजारों में वोट मांगने जनता के बीच नहीं जा सके और न ही किसी प्रकार की संचालन समितियों का गठन किया गया। यहां तक कि वह प्रत्याशियों का खुलेआम विरोध करने वालों तक को भी नहीं समझा सके। 

माहेश्वरी ने कहा है कि जिलाध्यक्ष की उदासीनता के कारण न तो घर-घर जाकर सूचियों की जांच हो सकी और न ही प्रचार सामग्री मतदाताओं के घर तक पहुंच सकी। यहां तक कि प्रत्याशियों के पक्ष में एक विज्ञापन भी जिला कांग्रेस नहीं दे सकी। पत्र में लिखा है कि जिलाध्यक्ष ने सिंधिया की सभाओं एवं रोड शो में शामिल होकर केवल फोटो खिंचवाने में कभी चूक नहीं की। इस पत्र में कहा गया है कि इस चुनाव से यह स्पष्ट हो चुका है कि वर्तमान अध्यक्ष के नेतृत्व में कुछ भी संभव नहीं है। इनको अविलम्ब बदला जाना परिस्थितियों एवं समय की पुकार है क्योंकि पार्टी प्रत्याशियों के जीतने के बाद यही लोग श्रेय लेने की कोशिश करेंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र को लेकर जब कांग्रेस के जिला प्रवक्ता धर्मेन्द्र शर्मा से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि मोहन माहेश्वरी पहले यह बता दें कि उन्होंने किस चुनाव में किसी भी कांग्रेस प्रत्याशी के लिए काम किया है? वह तो प्रत्येक चुनाव में पार्टी प्रत्याशी का विरोध करते रहे हैं। अब जबकि कांग्रेस जीत की ओर अग्रसर है तो वह फिर विध्वंस फैलाने का काम कर रहे हैं। वहीं जिलाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा से चर्चा करने पर उन्होंने भी सिर्फ यही कहा कि पहले उनसे पूछो कि उन्होंने किस कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार किया है? बहरहाल इन आरोप-प्रत्यारोप में कितनी सत्यता है? यह तो जांच का विषय है, लेकिन फिलहाल इस पत्र को लेकर कांग्रेस में काफी अफरा-तफरी मची हुई है।

Source : Agency