भोपाल
मध्यप्रदेश में सबकी निगाहें विधानसभा चुनाव के रिजल्ट पर टिकी हुई है। मतगणना में अब केवल एक हफ्ता बचा है। 11  दिसंबर को फाइनल हो जाएगा कि किसकी सरकार बनेगी और कौन प्रदेश पर राज करेगा। इसको लेकर चुनाव आयोग ने भी तैयारियां शुरु कर दी है। मतगणना के लिए हर विधानसभा क्षेत्र की 14-14 टेबल लगेंगी। पहली बार 319 मतगणना हॉल की वेबकास्टिंग होगी। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी। हर चक्र के बाद गणना के नतीजे घोषित किए जाएंगे।वही मतगणना को लेकर कांग्रेस विशेष तैयारियों में जुट गई है। कांग्रेस ने इस दिन गुजरात मतगणना और उपचुनाव के फार्मूले को अपनाने का प्लान बनाया है। कांग्रेस के इस स्पेशल प्लान ने बीजेपी में हलचल पैदा कर दी है। 

दरअसल, बीते साल उपचुनाव में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अटेर विधानसभा के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे से चुनाव आयोग से प्रत्येक राउंड के बाद सर्टिफिकेट प्राप्त किए जाने का आग्रह किया था जिसे स्वीकार कर लिया गया था।इसके बाद गुजरात में भी काउंटिंग में यही फार्मूला अपनाया गया। बाद में कांग्रेस पार्टी ने चित्रकूट, कोलारस और मुंगावली में भी इसी पैटर्न से मतगणना करवाई थी।अब कांग्रेस इस बार मध्यप्रदेश मे भी ये फॉमूला अपनाने की तैयारी में है।

कांग्रेस पार्टी इस बार हर राउंड में वोटों की गिनती के बाद निर्वाचन अधिकारी से सर्टिफिकेट प्राप्त करने की योजना बना रही है।  जिस तरह से कांग्रेस ने गुजरात में मतगणना के समय हर राउंड में निर्वाचन आयोग से सर्टिफिकेट लिया था उसी प्रकार अब वह मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी इस फार्मूले पर काम करेगी।  मतगणना के दिन मतगणना स्थल पर कांग्रेस हर राउंड में निर्वाचन आयोग से सर्टिफिकेट लेगी।इस संबंध में 6 दिसंबर को कमलनाथ सभी 229 प्रत्याशियों से फीडबैक लेंगें और उन्हें मतगणना की ट्रेनिंग देंगें।इस दौरान हर प्रत्याशी के साथ 2 एजेंटों को भी बुलाया गया ताकी मतणना के समय कोई गड़बड़ी ना हो।

बता दे कि अबतक आम चुनाव में सभी राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद प्रत्याशी को उसे प्राप्त मतों का सर्टिफिकेट दिया जाता रहा है।लेकिन इस बार कांग्रेस उपचुनावा और गुजरात में अपनाए गए फॉर्मूले पर काम करने जा रही है।कांग्रेस को उम्मीद है कि जिस तरह से उपचुनाव और गुजरात में पार्टी को फायदा मिला था उसकी प्रकार मध्यप्रदेश में भी मिलेगा।

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