मुंबई
हाल ही में सोफिटेल होटल, बीकेसी, मुंबई में आयोजित एक विशेष समारोह में पहली बार पूरी दुनिया में मशहूर कवि एवं गीतकार, गुलजार साब और भारत के गजल आइकन, पंकज उधास एक अद्वितीय एल्बम नायाब लम्हे - टाइमलेस मोमेंट्स के लॉन्च के लिए एक साथ नजर आए।  

दोनों ही मशहूर हस्तियों के प्रशंसक दुनिया भर में मौजूद हैं और दोनों को अपने-अपने क्षेत्र में महारत हासिल है। इस मौके पर गुलजार साब नायाब लम्हे में समाहित अपनी कविताओं को प्रस्तुत करेंगे, और फिर पंकज उधास इस एल्बम के लिए गुलजार साब द्वारा लिखे गए 6 गजलों को अपनी मधुर आवाज में गाकर सुनाएंगे। 

इस एल्बम में छह गजल और नज्म हैं, जिनके नाम इस प्रकार हैं- बारिश, ना जाने कहाँ, रात वो रुकी नहीं, वो दिन गए, देखो अहिस्ता चलो और जलन गर। इस एल्बम के लिए पंकज उधास जी ने संगीत तैयार किया है, जिसे दीपक पंडित ने व्यवस्थित किया है, जिन्होंने एल्बम के लिए वायलिन भी बजाया है। म्यूजिक प्रोग्रामिंग और गिटार सोलो का प्रदर्शन संजय जयपुरवाले द्वारा किया गया है।       
     
इस एल्बम को वेल्वेट वॉयसेस प्राइवेट लिमिटेड ने प्रोड्यूस किया है और इसकी रिकॉर्डिंग स्टूडियो 17, मुंबई में आशीष चैबे द्वारा की गई है। पंडित सुनील दास (सितार), राकेश चैरासिया (बांसुरी), आईडी राव (सैक्सोफोन, क्लेरनेट, सोप्रानो और अंग्रेजी बांसुरी), तापस रॉय (चरैंगो, साज और रबाब), हीरा पंडित और ओजास अधिया (तबला), निर्मल पवार (पर्क्यूशन) ने भी इस एल्बम में अपनी कला का जादू बिखेरा है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में बेहद मशहूर संगीतज्ञ हैं। देखो अहिस्ता चलो में आलाप प्रतिभा सिंह बघेल ने गाया है। मुंबई के हेडरूम स्टूडियो में अफताब खान की रहनुमाई में असलम खान ने मिक्सिंग की है। बेनविन फर्नांडीस ने इस एल्बम के लिए मिक्सिंग असिस्टेंट के तौर पर काम किया है। 

हंगामा डिजिटल मीडिया, इस एल्बम के लिए डिजिटल पार्टनर हैं। हंगामा डिजिटल मीडिया के प्रबंध निदेशक व सीईओ, श्री नीरज रॉय ने कहा, ‘नायाब लम्हे को लॉन्च करना हंगामा म्यूजिक के लिए बेहद सम्मान की बात है। देश के एक बड़े म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर, उपयोगकर्ताओं को गीत-संगीत का बेमिसाल खजाना उपलब्ध कराना ही हमारा उद्देश्य है, जो उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान करने में सक्षम हो। हमें पूरा विश्वास है कि, पंकज जी और गुलजार साब के गीत-संगीत के जादू से सभी लोग मंत्रमुग्ध हो जाएंगे और इसे पूरी दुनिया में प्रशंसा मिलेगी। 

इस मौके पर, जिग्नेश मेहता, एमडी, डिवाइन सॉलिटेयर्स, ने कहा, ष्डिवाइन सॉलिटेयर्स अपने ग्राहकों को उत्तम गुणवत्ता वाले नायाब आभूषण उपलब्ध कराने के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। ऐसे में म्यूजिक इंडस्ट्री के दो नायाब हीरों - पंकज उधास और गुलजार साब के एक साथ प्रदर्शन के इस मौके के लिए डिवाइन सॉलिटेयर्स से सहयोग करना बेहद स्वाभाविक है। इनमें से एक अपनी कलम से जादुई शब्दों की रचना करते हैं तो दूसरा उन शब्दों को अपनी आवाज से जीवंत करते हैं, और सही मायने में दोनों हीरों की तरह शानदार हैं। हमें इस बात की खुशी है कि हम इस जुगलबंदी का हिस्सा बन पाए हैं, साथ ही हम उम्मीद करते हैं कि लोग भी हमारी तरह ही इस जुगलबंदी का भरपूर आनंद लेंगे। 

गुलजार साब के गीतों के लेखन की शैली संवेदनशीलता को दर्शाती है, जिसमें इंसानों की भावनाओं को मनोवैज्ञानिक तरीके से गीत की शक्ल दी जाती है। उनके गीतों में जीवन और आसपास के माहौल का बेहतर अवलोकन नजर आता है। वह अपनी कला या गीतों की रचना से कोई समझौता नहीं करते हैं और उनकी कविताओं में इस दुनिया की एवं रोजमर्रा के जीवन की अलग-अलग तस्वीरें दिखाई देती हैं। वह हमारे देश के पहले और इकलौते ऑस्कर विजेता कवि है। भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण पुरस्कार सहित गुलजार साब को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार एवं कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार शामिल हैं। 

गजल के क्षेत्र में विशेषज्ञ, पंकज उधास को संगीत की इस शैली में विविधता लाने तथा का श्रेय दिया जाता है और उन्हें गजल गायन का स्तंभ माना जाता है। उनकी लोकप्रियता समाज के हर वर्ग के बीच फैली हुई है। पंकज उधास को गजल को उस दौर में लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है, जब जनता के बीच इसकी लोकप्रियता घट रही थी। आज, हाई-स्पीड पॉप म्यूजिक के शोर-शराबे के बीच, उन्होंने साबित कर दिया है कि गजल अभी भी दुनिया भर में संगीत-प्रेमियों को आकर्षित करता है और संगीत को मशीनों से नहीं बल्कि कलाकार की आत्मा से जीवंत किया जाता है। गुलजार साब की मनमोहक कविताओं और पंकज उधास की मखमल आवाज के साथ, यह एल्बम श्रोताओं को गीत-संगीत की एक नई दुनिया की सैर कराएगा।  

Source : Agency