नई दिल्ली 
पटना पाइरेट्स के लिए एक विश्वसनीय डिफेंडर के रूप में निकलकर सामने आने वाले विकास काले का कहना है कि एक खिलाड़ी के लिए उसके परिवार का समर्थन बेहद मायने रखता है क्योंकि इसके बगैर वह आगे नहीं बढ़ सकता। गौरतलब है कि प्रो-कबड्डी लीग के आने से कई कबड्डी खिलाड़ियों को न सिर्फ पहचान मिली है, बल्कि वे आर्थिक रूप मजबूत भी हुए हैं। कई खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं, जिन्हें शुरुआत में उनके परिवार का समर्थन नहीं मिला लेकिन बाद में अच्छी पहचान के बाद परिवार ने भी साथ देना शुरू किया। इन्हीं में से एक हैं पटना पाइरेट्स के डिफेंडर विकास काले। महाराष्ट्र के निवासी विकास ने कहा कि शुरुआत में उनके घरवालों ने इस खेल में जाने से मना किया लेकिन बाद में कमाई का जरिया बनता देख उन्होंने भी समर्थन दिया। उन्होंने बताया, 'शुरुआत में घरवालों ने मना किया था। दोस्तों ने सलाह दी कि मुझे एक बार कबड्डी में हाथ आजमाना चाहिए। कॉन्ट्रैक्ट पर खेलने के बाद आर्थिक हालात में जब सुधार हुआ, तब घरवालों ने भी मेरा समर्थन करना शुरू कर दिया।' 

विकास ने कहा, 'एक खिलाड़ी को उसके सपने और लक्ष्य को पूरा करने के लिए परिवार का समर्थन जरूरी है, क्योंकि इस समर्थन के बगैर वह हमेशा असमंजस में रहता है। परिवार के समर्थन के साथ वह पूरे विश्वास से बिना झिझके आगे बढ़ सकता है।' कबड्डी लीग के इस सीजन में मिले पैसों के इस्तेमाल के बारे में विकास ने कहा, 'मैं पुणे में अपने घर के काम को पूरा कराऊंगा। मैंने पुणे में जमीन ली थी, मगर घर के निर्माण का कार्य पैसों की कमी के चलते अधूरा था लेकिन अब मैं उसे पूरा करूंगा और घरवालों को गांव से पुणे के नए घर में लेकर आऊंगा।' बता दें कि महाराष्ट्र के घोड़ेवाल गांव के निवासी विकास ने 18 साल की उम्र में कबड्डी के खेल का अभ्यास शुरू किया था। इससे पहले वह गांव के क्लबों में खिलाड़ियों को अभ्यास करते हुए देखते थे। इसी से इस खेल में उनकी रुचि बढ़ी। 
 

Source : Agency