भोपाल
5 दिसंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। इस बीच शिवराज कैबिनेट के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि कैबिनेट के लिए सरकार चुनाव आयोग से अनुमति नहीं लेगी। उन्होंने ये भी कहा कि हम आचार संहिता के नियमों से वाकिफ हैं। इस बयान को चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीएल कांताराव के उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कैबिनेट की बैठक को लेकर आयोग को कोई पत्र नहीं मिला है और न ही कोई अनुमति ली गई है।

असल में, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आचार संहिता लागू होने के बावजूद 5 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक बुलाई है, इस पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत भी की, इसके बाद चुनाव आयोग को बयान जारी करना पड़ा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीएल कांताराव ने कहा है कि बैठक की अब तक कोई अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने ये भी साफ किया है कि शासन की ओर से किसी भी तरह का बड़ा निर्णय या पॉलिसी के स्तर पर कोई फैसला नहीं किया जा सकता है।

जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने साफ कहा है कि कैबिनेट की बैठक के लिए सरकार आयोग से कोई अनुमति नहीं लेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हमें भी आचार संहिता के नियमों की जानकारी है।  इसके पहले एक अन्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि कैबिनेट की बैठक की प्रक्रिया संवैधानिक रूप से सही है, कांग्रेस इतने साल सत्ता में रही। फिर उन्हें नियम और कानून का ज्ञान नहीं है।  वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा कि नरोत्तम मिश्रा कानून से ऊपर हैं, इसलिए वह कुछ भी कह सकते हैं।

Source : Agency