नई दिल्ली

विधानसभा चुनाव के तहत अब राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को मतदान होना है. दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार बुधवार शाम को थम जाएगा. इससे पहले

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में मतदान हो चुके हैं. ऐसे में सभी दलों ने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी. लेकिन प्रचार के मोर्चे पर बाजी बीजेपी मारती दिख रही है. वह अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से आगे रही.

पांचों राज्यों में प्रचार की कमान संभाले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 63 दिनों में 67 हजार किलोमीटर से ज्यादा यात्राएं की. वहीं, पार्टी ने राज्यों के नेताओं के साथ दो दर्जन से ज्यादा केंद्रीय प्रचारकों के जरिए भी ताकत झोंकी.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की बात करें तो उन्होंने 2 महीने के प्रचार के दौरान 65 जनसभाएं, 13 रोड शो और 162 संवाद कार्यक्रम किए. जिसमें छत्तीसगढ़ में 14 दिन, मध्य प्रदेश में 18 दिन, तेलंगाना में 10 दिन, राजस्थान में 19 दिन, मिजोरम में 2 दिन रहे.

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में मतदान के बाद फुरसत में आए अमित शाह ने सबसे ज्यादा राजस्थान में 57 कार्यक्रम किए. इनमें 19 रैली, 4 रोड शो, सामुदायिक संवाद और कार्यकर्ता सम्मेलन शामिल हैं. मध्य प्रदेश में 23 रैली समेत 48 कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ में 8 रैली, रोड शो और 28 कार्यक्रम, मिजोरम में 4 और तेलंगाना में 25 कार्यक्रम किए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान 25 जनसभाएं कीं. इनमें ज्यादातर छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में रहीं. राजस्थान और मध्य प्रदेश में मोदी की ज्यादातर सभाएं रणनीति के तहत चुनाव के आखिरी दौर में रखी गई. हालांकि राजस्थान में पीएम मोदी की सबसे ज्यादा 12 जनसभाएं रखी गईं.

कांग्रेस की बात करें तो पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने पांच राज्यों में कुल मिलाकर 70 जनसभाएं, 10 रोड शो और 8 संवाद कार्यक्रम किए. राजस्थान में अपनी वापसी देखते हुए कांग्रेस ने चुनाव प्रचार काफी पहले ही शुरू कर दिया था. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट नवंबर तक राज्य को कई बार मथ चुके हैं. इस दौरान उन्होंने लगभग 5 लाख किलोमीटर की यात्रा की. वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी राजस्थान गौरव यात्रा के माध्यम से हर विधानसभा सीट पर पहुंचने का प्रयास किया. प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने परिवर्तन यात्रा समेत 1.50 लाख किलोमीटर के चुनावी संपर्क में पसीना बहाया.

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