भोपाल 
सपाक्स पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी में सवर्ण, पिछड़ा और अल्पसंख्यक संगठन तथा सपाक्स अधिकारी कर्मचारी संगठन के बढ़ रहे दबाव को कुछ पदाधिकारी पचा नहीं पा रहे हैं। अंदरखाने से बात निकली है कि सपाक्स पार्टी महज एक मुखौटा है। उसे चलाने वाले तो सपाक्स कर्मचारी अधिकारी संगठन के पदाधिकारी हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान संगठन के दबाव के चलते कई प्रत्याशी बदले गये थे। 

बताया गया कि एक कोर ग्रुप है जिसमें डॉ.केएल साहू, एके जैन, पीपी सिंह, राजीव खरे और केएस तोमर हैं। इनके अलावा युवा विंग से अभिषेक सोनी, प्रवीण तिवारी तथा प्रसंग परिहार है। बताया जाता है कि पूरी राजनीति इसी कोर ग्रुप के आसपास घूमती है। 

अधिकारियों के अप्रत्यक्ष दबाव के कारण सपाक्स पार्टी के पदाधिकारी स्वतंत्रा से काम नहीं कर पा रहे हैं। इससे पार्टी छोड़ने का मन बनाया जा रहा है। यह भी माना जा रहा है कि सपाक्स पार्टी के अध्यक्ष डॉ.हीरालाल त्रिवेदी को कोई निणर््य लेने के लिये कोर ग्रुप के पदाधिकारियों का सहारा लेना पड़ता है इससे सपाक्स पार्टी का प्रभाव प्रभावित हो रहा है।

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