लखनऊ
3 दिसंबर को गोकशी को लेकर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सहित एक युवक सुमित की मौत हो गई। घटना के अगले दिन यानि 4 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात अधिकारियों के साथ बैठक की। चीफ सेक्रटरी, यूपी के पुलिस मुखिया, गृह विभाग के प्रिंसिपल सचिव, खुफिया विभाग के एडीजीपी सब इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में जो सीएम योगी ने किया उसकी उम्मीद तो शायद पूरे उत्तर प्रदेश को नहीं होगी।
 खबरों के मुताबिक बैठक में सीएम योगी ने गोकशी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए, लेकिन इंस्पेक्टर सुबोध की मौत पर क्या कहा यह किसी को मालूम नहीं। खबरें लगी कि सीएम ने अधिकारियों को फटकार लगाई, गोकशी से निपटने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया पर इन सब में इंस्पेक्टर सुबोध का तो कहीं भी जिक्र नहीं हुआ। मुख्यमंत्री की वरीयता क्या है, इसका अंदाजा आपको अडिशनल चीफ सेक्रटरी अविनीश अवस्थी के बयान से लग जाएगा।
 बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से रूबरू हुए अविनीश अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले की ठीक से जांच करने का निर्देश दिया है। जिन लोगों ने गाय काटी, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आदेश जारी किया गया। एक समाचार पत्र में छपी खबर के मुताबिक, इस मीटिंग में इंस्पेक्टर सुबोध के हत्यारों को लेकर कोई फैसला ही नहीं लिया गया। जिसके बाद से उनकी वरीयता पर सवाल उठ रहा है। 
 इस बैठक से जुड़ा एक कागज भी जारी किया गया, जिसमें लिखा है कि मुख्यमंत्री ने घटना की गंभीरता से जांच कर गोकशी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। नीचे लिखा है कि घटना में जान गंवाने वाले सुमित के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। कहीं भी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या का जिक्र नहीं किया गया है। इस बैठक का पूरा फोकस गोकशी पर ही रहा।

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